April 24, 2026

Central Times

Most Trusted News on the go

H1-B

अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप को पत्र लिखकर H1-B वीज़ा शुल्क वापसी की मांग की

अमेरिकी सांसदों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को H1-B वीज़ा शुल्क पर पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि नए आदेश में 1,00,000 अमेरिकी डॉलर यानी 88 लाख रुपये का भारी शुल्क लगाया गया। सांसदों ने चेतावनी दी कि यह नीति भारतीय पेशेवरों को अमेरिका आने से रोक सकती है। पत्र में जिमी पनेटा, अमी बेरा, सालुद कार्बाजल और जूली जॉनसन शामिल थे। सांसदों ने कहा कि भारतीय नागरिक अमेरिका के आईटी और एआई उद्योग में नेतृत्व बढ़ा रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि नीति अमेरिकी अर्थव्यवस्था और उच्च तकनीक के विकास को प्रभावित करेगी। सांसदों ने आग्रह किया कि ट्रंप शुल्क को वापस लें और नीति पर पुनर्विचार करें।

Also Read : सुप्रीम कोर्ट का नया नियम अब पूरे देश में लागू, आवारा कुत्तों पर बड़ा आदेश

H1-B वीज़ा का महत्व और भारत-अमेरिका संबंध

पत्र में उल्लेख किया गया कि नीति अमेरिकी कंपनियों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को भी नुकसान पहुंचा सकती है। सांसदों ने कहा कि नीति के कारण प्रतिभा अमेरिका में काम करने से डर सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ट्रंप वैश्विक नेतृत्व और अमेरिकी-भारतीय संबंधों को ध्यान में रखेंगे।सांसदों ने लिखा कि एच1-बी वीज़ा अमेरिकी अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और प्रतिस्पर्धा के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नीति भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी और तकनीकी सहयोग पर नकारात्मक असर डाल सकती है। पत्र में बताया गया कि भारतीय पेशेवर अमेरिका के आईटी और एआई उद्योग में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

सांसदों ने चेतावनी दी कि भारी शुल्क से प्रतिभा आकर्षित करना मुश्किल होगा और वैश्विक स्थिति कमजोर होगी। उन्होंने ट्रंप से अनुरोध किया कि 19 सितंबर की घोषणा पर पुनर्विचार कर नीति को संशोधित करें। पत्र में कहा गया कि नीति सुधार से अमेरिकी और भारतीय पेशेवरों को सहयोग का अवसर मिलेगा। सांसदों ने जोर दिया कि नीति का असर केवल भारतीय नागरिकों पर नहीं, बल्कि अमेरिकी कंपनियों पर भी होगा। उन्होंने कहा कि शुल्क वापसी से अमेरिका-भारत संबंध मजबूत होंगे और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में लाभ होगा। सांसदों ने ट्रंप से अपील की कि नीति संतुलित और उचित रूप से लागू की जाए। पत्र का निष्कर्ष था कि नीति सुधार से दोनों देशों को लाभ और वैश्विक नेतृत्व में मजबूती मिलेगी।

Also Read : 75वर्ष की उम्र पर संघ प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान, कहा- उम्र पार करने के बाद दूसरो को दें मौका