ट्रंप के बयान पर विपक्ष ने मांगा जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान से भारत की राजनीति में हलचल तेज़ हो गई है। ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी नाराज़गी से अवगत थे और रूस से तेल ख़रीद को लेकर अमेरिका ने भारत पर दबाव बनाया। बातचीत के दौरान ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत की नीतियां रूस को नुकसान पहुंचा रही हैं और भारत इस स्थिति से बाहर निकलने की दिशा में कदम उठा रहा है। इन बयानों के सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार से इस मुद्दे पर साफ़ और स्पष्ट जवाब मांगा है।
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रूसी तेल और टैरिफ़ पर अमेरिका का दबाव
सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने रूस से तेल ख़रीदने के कारण भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ़ लगाया। ग्राहम के मुताबिक़, लगभग एक महीने पहले उन्होंने भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा से मुलाक़ात की, जहां भारत ने रूसी तेल आयात घटाने और टैरिफ़ में राहत देने का अनुरोध किया। ‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के अनुसार, 2 दिसंबर 2025 को वॉशिंगटन में अमेरिकी सीनेट प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी के दौरान यह बैठक हुई थी। इसी दौरान ग्राहम और सीनेटर रिचर्ड ब्लमेंथल ने ‘रशियन सैंक्शंस बिल’ का ज़िक्र किया, जिसमें रूस से तेल या यूरेनियम ख़रीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ़ लगाने का प्रावधान रखा गया है।
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