गूगल के सीईओ सुन्दर पिचाई ने 12,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की घोषणा की है। दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में हो रही छंटनी के बीच गूगल का मामला लेटेस्ट है। पिछले कुछ दिनों में माइक्रोसॉफ्ट, ट्विटर, फेसबुक जैसी बड़ी टेक कंपनियों ने अपने हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकालकर घर बिठा दिया है।
भारत के लोगों पर इसका कितना असर पड़ रहा है? ट्विटर ने 50% कर्मचारियों को नवंबर में निकाला नवंबर 2022 में सबसे पहले बड़ी टेक कंपनी ट्विटर ने एक साथ 3,800 कर्मचारियों को निकालने का ऐलान किया। ये आंकड़ा ट्विटर में काम करने वाले कुल कर्मचारियों का 50% था। इसके कुछ दिनों बाद ही एलन मस्क ने 4,500 कॉन्ट्रैक्ट बेस्ड कर्मचारियों की छुट्टी कर दी। हैरानी की बात ये है कि बिना नोटिस दिए अचानक से इन कर्मचारियों को निकाला गया था। इन्हें नौकरी से निकाले जाने का एहसास तब हुआ जब इनकी डीटेल से इनका अकाउंट लॉग इन नहीं हुआ। इस दौरान एलन मस्क ने इंडियन टीम में काम कर रहे 230 में से 180 कर्मचारियों को भी नौकरी से निकाला।

फेसबुक ने 11,000 कर्मचारियों को एक झटके में निकाला नवंबर 2022 में ही फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा ने एक झटके में 11,000 कर्मचारियों की छंटनी करने की घोषणा की। मेटा सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने अपने कर्मचारियों को लेऑफ की जानकारी देते हुए लिखा था कि बड़ी टेक कंपनियां मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। कंपनी के लिए प्रॉफिट कमाना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में कर्मचारियों को निकालने का यह फैसला लेना कंपनी की मजबूरी हो गई है।
अमेजन ने 18,000 को नौकरी से निकाला तो एप्पल ने बहाली रोकी ट्विटर और फेसबुक के अलावा अमेजन तीसरी बड़ी कंपनी है, जिसने 18,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। इनमें से 1,000 भारतीय थे। इस चेन में स्नैपचैट और माइक्रोसॉफ्ट का नाम भी है। वहीं एपल ने नए लोगों की भर्ती पर रोक लगा दी है।


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