दक्षिण कोरिया में पुलिस ने राष्ट्रपति कार्यालय पर छापा मारा है। यह कार्रवाई राष्ट्रपति यून सुक-योल के खिलाफ जारी आपराधिक जांच के तहत की गई है। उन पर मार्शल लॉ लागू करने को लेकर विद्रोह के आरोप लगाए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल राष्ट्रपति सून को न तो गिरफ्तार किया गया है और न ही उनसे पूछताछ की गई है।
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इससे पहले मार्शल लॉ को लागू करने वाले अधिकारियों पर गाज गिरनी जारी है। इसके तहत दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी के आयुक्त जनरल चो जी हो और पुलिस अफसर किम बॉन्ग सिक पर भी कार्रवाई की गई है। दोनों को सोल के नैमदेमुन पुलिस स्टेशन में हिरासत में रखा गया है।
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मार्शल लॉ विवाद: संसद के बाहर पुलिस बल तैनाती, रक्षा मंत्री का इस्तीफा और गिरफ्तारी
पुलिस के दोनों उच्चाधिकारियों के खिलाफ राजधानी सोल में स्थित संसद के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात करने का आरोप है, जिसे सांसदों को अंदर घुसने से रोकने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। तब सांसदों का एक बड़ा समूह राष्ट्रपति यून की तरफ से लगाए गए मार्शल लॉ को हटाने के लिए संसद में वोटिंग करना चाहते थे। हालांकि, पुलिसबल की तैनाती की वजह से उन्हें मुख्य दरवाजे से एंट्री नहीं मिली थी। बाद में सांसद खिड़कियों और अन्य रास्तों से संसद में घुसे।
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इस पूरे घटनाक्रम के बाद राष्ट्रपति यून ने अपने रक्षा मंत्री किम योंग-ह्यून का इस्तीफा स्वीकार कर लिया था। बाद में उन्हें मार्शल लॉ के फैसले में उनकी भूमिका के लिए गिरफ्तार कर लिया गया। स्थानीय मीडिया के अनुसार, किम योंग-ह्यून पर यात्रा प्रतिबंध भी लगा दिया गया है और मामले की जांच चल रही है। वहीं रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को तीन वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया, जो इस ऑपरेशन में शामिल थे।
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