सरबजीत कौर भारत से पाकिस्तान आईं और वहीं विवाह किया। उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाया और नाम बदलकर नूर फातिमा रख लिया। वह शेखूपुरा निवासी नासिर हुसैन के घर गईं। अधिकारियों ने उन्हें घर जाने की औपचारिक अनुमति दी। प्रशासन ने उन्हें लाहौर के महिला आश्रय गृह से रिहा किया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि उन्हें राजनीतिक आधार पर निर्वासित नहीं किया जाएगा। सरबजीत चार नवंबर को सिख तीर्थयात्रियों के साथ पाकिस्तान आई थीं। उनका वीजा 13 नवंबर को समाप्त हो गया। उन्होंने भारत लौटने से इनकार किया और यहीं रहने का निर्णय लिया। उन्होंने नासिर हुसैन से शादी कर पाकिस्तान में बसने का फैसला किया।
Also Read: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 400 अंक टूटा, निफ्टी 25850 से नीचे
सरबजीत कौर ने पाकिस्तान में शादी की, वीजा विवाद के बीच निर्वासन रुका
अधिकारियों ने चार जनवरी को उन्हें ननकाना साहिब से गिरफ्तार किया। पुलिस ने उन्हें वाघा सीमा से भारत भेजने की तैयारी की। उन्होंने अंतिम समय में वापस जाने से साफ़ इनकार कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने निर्वासन की प्रक्रिया रोक दी। सरकार ने उनके अनुरोध पर मानवीय आधार पर विचार किया।
गृह राज्य मंत्री तलल चौधरी ने मामले पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार अदालत और मंत्रालय की राय देखेगी। लाहौर हाई कोर्ट ने पुलिस को परेशान न करने का आदेश दिया। वकील ने आरोप लगाया कि पुलिस ने घर पर दबाव बनाया। पुलिस प्रवक्ता ने इन सभी आरोपों को खारिज किया।
जांच एजेंसियों के अनुसार दोनों की मुलाकात 2016 में टिकटॉक पर हुई थी। दोनों ने कई बार वीजा के लिए आवेदन किया था। कानूनी कारणों से उन्हें वीजा नहीं मिला। मामला संवेदनशील होने के कारण विभिन्न एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं। सरकार ने कहा कि अंतिम निर्णय कानून के अनुसार लिया जाएगा।


More Stories
Upendra Dwivedi की पाकिस्तान को चेतावनी, शांति चुने वरना इतिहास बन जाएगा
CBI arrests lecturer linked to confidential NEET-UG paper-setting panel
Modi pushes Indians to spend less on gold and overseas holidays