जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे को गोली मारने वाले शख्स ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, 41 साल के हमलावर तेत्सुया यामागामी ने आबे की हत्या की साजिश इसलिए रची, क्योंकि उसे अफवाहों पर भरोसा हो गया था कि आबे एक ऐसे संगठन से जुड़े थे, जिससे वह नाराज था। जापानी मीडिया के मुताबिक, हमलावर को एक धार्मिक समूह से नफरत हो गई थी।
हालांकि उसकी मां उस समूह के प्रति समर्पित थी। रिपोर्ट में उस समूह के नाम का जिक्र नहीं किया गया है। इस बीच, जापान में रविवार को उच्च सदन की 245 में से 124 सीटों के लिए वोट पड़ेंगे। शनिवार को आबे का शव उनके गृहनगर टोक्यो लाया गया। उनकी अंत्येष्टि मंगलवार को होगी।
जापान के असाही अखबार के मुताबिक यामागामी क्योटो के एक वेयरहाउस में ठेके पर काम करता था। वहां वह फोर्कलिफ्ट ऑपरेटर था। वहां वह चुपचाप ही रहता था और साथियों के साथ घुलता-मिलता नहीं था। यामागामी की इमारत के पास रहने वाले एक पड़ोसी के मुताबिक वह कभी यामागामी से नहीं मिला, लेकिन कुछ महीनों से उसके घर से रात में आरी चलाने की आवाज सुनाई दे रही थी।
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