प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। बातचीत में व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा, सुरक्षा और ऊर्जा पर चर्चा हुई। एफ-35 फाइटर जेट समेत कई अहम रक्षा समझौतों पर भी बात हुई। दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को भी महत्व दिया गया। क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय विकास के मुद्दों पर भी विचार हुआ।
इस दौरान दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी और उत्साह दिखा। दोस्ती और आपसी सम्मान भी साफ नजर आया। डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद यह पहली मुलाकात थी। मोदी और ट्रंप सालों बाद मिले, लेकिन उनकी केमिस्ट्री पहले जैसी रही।
अब सवाल यह है कि इस मुलाकात में क्या-क्या डील हुई? पीएम मोदी भारत के लिए क्या लेकर आ रहे हैं? आइए जानते हैं।
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एफ-35 फाइटर जेट डील समेत व्यापार और ऊर्जा सहयोग पर अहम समझौते
पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात में आपसी व्यापार को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। दोनों नेताओं ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना से ज्यादा करने का लक्ष्य रखा। इसे 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने की योजना बनाई गई।
बैठक के दौरान ट्रेड एग्रीमेंट पर जल्द समझौता करने की बात कही गई। दोनों देशों की टीमें पारस्परिक लाभकारी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर काम करेंगी। भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। तेल और गैस व्यापार को मजबूत करने के लिए सहयोग बढ़ाया जाएगा।
दोनों देश ऊर्जा अवसंरचना में निवेश बढ़ाने पर सहमत हुए। इसके अलावा, न्यूक्लियर एनर्जी क्षेत्र में भी सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। खासकर, स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर तकनीक में मिलकर काम करने पर जोर दिया गया।
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
आर्थिक साझेदारी और सैन्य सहयोग:
प्रधानमंत्री मोदी और मैं आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए रोडमैप घोषित कर रहे हैं।
अमेरिका-भारत समझौता हमारी दोस्ती और साझेदारी को और गहरा करेगा।
इस साल से भारत को कई अरब डॉलर की सैन्य बिक्री की जाएगी।
एफ-35 लड़ाकू विमान डील:
अमेरिका भारत को एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट उपलब्ध कराने के लिए मार्ग निकाल रहा है।
यह रक्षा सहयोग को और मजबूत करेगा।
क्वाड और इंडो-पैसिफिक रणनीति:
क्वाड को मजबूत करने के लिए अहम कदम उठाए जाएंगे।
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और समृद्धि बनाए रखने पर सहमति बनी।
आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त लड़ाई:
भारत और अमेरिका इस्लामी कट्टरपंथी खतरों से निपटने के लिए मिलकर काम करेंगे।
26/11 मुंबई हमले के साजिशकर्ता तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण को मंजूरी दी गई।
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व्यापार और टैरिफ विवाद:
पीएम मोदी ने भारत के ऊंचे टैरिफ में कटौती की घोषणा की।
अमेरिकी बाजारों तक भारतीय पहुंच को सीमित करने वाली समस्याओं पर चर्चा हुई। भारत कई वस्तुओं पर 30-70% टैरिफ लगाता है।
व्यापार घाटे को कम करने की योजना:
अमेरिका का भारत के साथ व्यापार घाटा लगभग 100 अरब डॉलर है।
पीएम मोदी और मैंने इसे कम करने पर चर्चा की।
परमाणु ऊर्जा और टेक्नोलॉजी सहयोग:
भारत-अमेरिका परमाणु ऊर्जा कानूनों में सुधार कर रहे हैं।
दोनों देश मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नवीनतम तकनीकों का विकास करेंगे।
नया व्यापार मार्ग:
एक ऐतिहासिक व्यापार मार्ग बनाने पर सहमति हुई। यह रूट भारत से इज़रायल, इटली और फिर अमेरिका तक जाएगा।
मजबूत भारत-अमेरिका रिश्ते:
भारत और अमेरिका के संबंध इस समय अपने सबसे मजबूत दौर में हैं।
दोनों देश मिलकर आगे बढ़ रहे हैं।
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