भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तान को बुरी तरह डरा दिया। भारतीय सैन्य कार्रवाई के दबाव में पाकिस्तान ने दिन-रात एक कर दिए। हालात इतने बिगड़ गए कि इस्लामाबाद को अमेरिका के सामने जाकर गुहार लगानी पड़ी। पाकिस्तान चाहता था कि अमेरिका किसी भी तरह इस सैन्य अभियान को रुकवाने में दखल दे। इसी मकसद से पाकिस्तानी अधिकारियों ने लगातार कोशिशें कीं और भारी-भरकम रकम लॉबिंग पर खर्च की। अमेरिकी सरकार की हाल ही में सामने आई फाइलों से इस पूरे प्रयास का खुलासा हुआ है।
अमेरिका में 60 से ज्यादा बैठकों का खुलासा
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी राजनयिकों और रक्षा अधिकारियों ने अमेरिका में 60 से ज्यादा बैठकें कीं। इन बैठकों में अमेरिकी अधिकारी, सांसद और मीडिया हाउस के प्रतिनिधि शामिल रहे। अमेरिका के ‘यूएस फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट’ के तहत दर्ज रिकॉर्ड्स में इन सभी मुलाकातों का जिक्र है। पाकिस्तान के राजदूत और डिफेंस अताशे ने ईमेल, फोन कॉल और आमने-सामने की बैठकों के जरिए दर्जनों अधिकारियों और मध्यस्थों से बार-बार संपर्क किया। इन सभी प्रयासों का मकसद भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को रुकवाने के लिए वाशिंगटन पर दबाव बनाना था।
Also Read:मुस्तफ़िज़ुर रहमान विवाद और टी20 वर्ल्ड कप पर बांग्लादेशी मीडिया की प्रतिक्रिया
नवंबर 2025 में न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट ने बताया कि पाकिस्तान ने ट्रंप प्रशासन तक पहुंच बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए। इस उद्देश्य से पाकिस्तान ने वाशिंगटन की छह लॉबिंग फर्मों के साथ करीब 5 मिलियन डॉलर सालाना के कॉन्ट्रैक्ट किए। इन समझौतों के जरिए पाकिस्तान व्यापार और कूटनीतिक मामलों में अपने पक्ष को मजबूत करना चाहता था।
इस्लामाबाद ने ‘जेवलिन एडवाइजर्स’ के जरिए काम करने वाली ‘सेडेन लॉ एलएलपी’ फर्म के साथ भी कॉन्ट्रैक्ट किया। इसके कुछ ही हफ्तों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की मेजबानी की। विश्लेषकों ने इस बैठक को अमेरिकी सत्ता के गलियारों तक पाकिस्तान की दोबारा पहुंच के रूप में देखा।
Also Read:ईरान में हिंसक हालात बेकाबू, 35 लोगों की मौत; 1200 हिरासत में


More Stories
पनडुब्बी प्लांट विजिट, जर्मनी से डील लेकर लौटे राजनाथ
ईरान को 3 दिन की मोहलत व्हाइट हाउस बोला- ट्रंप तय करेंगे जंग
Hellhole remark: Iran defends India, China after Trump’s comment