प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्तमान में इथियोपिया के औपचारिक दौरे पर हैं, जिसमें कई बैठकें शामिल हैं। इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली ने मोदी का एयरपोर्ट पर व्यक्तिगत रूप से शानदार स्वागत किया। मोदी प्रधानमंत्री अली के निमंत्रण पर इथियोपिया आए हैं, यह उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस दौरे का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंध मजबूत करना और निवेश को बढ़ावा देना है। यात्रा के दौरान दोनों देश व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करेंगे। मोदी ने अधिकारियों और राजनयिकों से मुलाकात कर समझौतों और परियोजनाओं पर विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि भारत हमेशा इथियोपिया के विकास और साझेदारी में सहयोग करता रहेगा। यात्रा के बाद पीएम मोदी अगले पड़ाव के रूप में ओमान जाएंगे और वहां वार्ता करेंगे।
पीएम मोदी का इथियोपिया दौरा और संसद में संबोधन
प्रधानमंत्री मोदी ने इथियोपियाई संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शेरों की धरती इथियोपिया में आकर उन्हें बहुत अपनापन और सम्मान महसूस हो रहा है। मोदी ने अपने गृह राज्य गुजरात का उदाहरण देते हुए शेरों की समानता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत और इथियोपिया के बीच ऐतिहासिक संबंध दशकों पुराने और मजबूत हैं। प्रधानमंत्री ने शीत युद्ध के समय से दोनों देशों के बीच मित्रता और सहयोग की बात की। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और निर्माण क्षेत्रों में भारत के योगदान और पेशेवरों की भूमिका बताई। मोदी ने युवा आदान-प्रदान और सांस्कृतिक सहयोग के महत्व को भी संसद में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत-इथियोपिया साझेदारी से दोनों देशों के विकास और समृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने इथियोपिया में व्यापार, स्वास्थ्य और शिक्षा में योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने कृषि, तकनीकी और बुनियादी ढांचे में साझेदारी बढ़ाई है। मोदी ने निवेशकों और उद्यमियों को भरोसा दिलाया कि भारत हमेशा इथियोपिया का मजबूत सहयोगी रहेगा। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक और तकनीकी सहयोग से युवा कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत-इथियोपिया परियोजनाओं में सामरिक, आर्थिक और सामाजिक लाभ सुनिश्चित होंगे। मोदी ने बताया कि दोनों देशों की साझेदारी से वैश्विक मंचों पर भी प्रभाव बढ़ेगा। उन्होंने सांसदों और अधिकारियों को आश्वस्त किया कि विकास और साझेदारी में कोई कमी नहीं होगी। प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि सहयोग का लाभ दोनों देशों के नागरिकों और समाज के लिए स्थायी होगा।
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ऐतिहासिक संबंध, आर्थिक सहयोग और आगे की यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-इथियोपिया संबंध ऐतिहासिक और स्थायी मित्रता का प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों का रिश्ता शीत युद्ध से मजबूत और दशकों से कायम है। मोदी ने शिक्षा, स्वास्थ्य और निर्माण में भारत की सक्रिय भागीदारी का उल्लेख किया। उन्होंने भारतीय पेशेवरों और उद्यमियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए धन्यवाद किया।मोदी ने युवाओं के आदान-प्रदान और तकनीकी प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि साझा इतिहास और अनुभव दोनों देशों की साझेदारी को और मजबूत करेंगे। प्रधानमंत्री ने संसद में विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसरों पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक और आर्थिक सहयोग से दोनों देशों के साझा भविष्य को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इथियोपिया में आकर उन्हें अपनापन और मित्रता महसूस हुई। उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत हमेशा इथियोपिया के साथ सहयोग और साझेदारी बढ़ाएगा। मोदी ने कहा कि तकनीकी, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग से दोनों देशों को लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री ने विश्वास दिलाया कि साझा परियोजनाएं युवा और समाज दोनों के लिए प्रेरक साबित होंगी। उन्होंने सांसदों और अधिकारियों का धन्यवाद करते हुए यात्रा की सफलता की कामना की। मोदी ने इथियोपिया की यात्रा पूरी कर ओमान के लिए प्रस्थान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दोनों देशों की साझेदारी और मजबूत होगी। प्रधानमंत्री का संदेश मित्रता, सहयोग और साझा विकास के लिए प्रेरणादायक और स्थायी रहेगा।


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