May 23, 2026

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मीम से शुरू हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’

भारत की राजनीति में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम का एक नया ऑनलाइन मीम और व्यंग्य आंदोलन तेजी से चर्चा में आ गया है। इसकी शुरुआत उस समय हुई जब मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। सुनवाई के दौरान उन्होंने कथित तौर पर बेरोजगार युवाओं की तुलना तिलचट्टों और परजीवियों से की थी। बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनका इशारा केवल फर्जी डिग्री वाले लोगों की तरफ था। लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर गुस्सा, मीम्स और प्रतिक्रियाओं की लहर शुरू हो चुकी थी। इसी माहौल में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम का व्यंग्यात्मक अभियान सामने आया। यह कोई आधिकारिक राजनीतिक पार्टी नहीं है, बल्कि युवाओं के गुस्से और निराशा को दर्शाने वाला डिजिटल आंदोलन बन गया है।

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मीम से उठा युवाओं का गुस्सा

इसके इंस्टाग्राम अकाउंट ने कुछ ही दिनों में करोड़ों फॉलोअर्स जुटा लिए। इस अभियान को राजनीतिक संचार रणनीतिकार और छात्र अभिजीत दीपके ने मजाक के तौर पर शुरू किया था। पार्टी की सदस्यता शर्तों में बेरोजगार होना, हमेशा ऑनलाइन रहना और “प्रोफेशनल तरीके से भड़ास निकालना” जैसी बातें शामिल हैं। युवाओं ने इसे मजाक के साथ-साथ अपने असंतोष को व्यक्त करने का माध्यम बना लिया। सोशल मीडिया पर इसके मीम्स और पोस्ट तेजी से वायरल हो रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव ने इसे केवल मजाक मानने से इनकार किया है। उनका कहना है कि यह आंदोलन देश में बढ़ती बेचैनी और व्यवस्था से नाराजगी का संकेत देता है। उन्होंने कहा कि जब व्यवस्था के रास्ते बंद हो जाते हैं, तब विरोध नई और अनपेक्षित जगहों से उभरता है।

उनके अनुसार, मजाक और व्यंग्य के पीछे हमेशा गहरा दर्द और असंतोष छिपा होता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के आंदोलनों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। योगेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सीजेपी अकाउंट को बैन किए जाने की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकारें अक्सर चुटकुलों और व्यंग्य से सबसे ज्यादा डरती हैं। उनके मुताबिक, अगर अकाउंट को बैन नहीं किया जाता तो लोगों का गुस्सा शायद सोशल मीडिया तक सीमित रह जाता। लेकिन प्रतिबंध लगाने से यह मुद्दा और बड़ा बन सकता है। उन्होंने कहा कि अब यह केवल मीम नहीं रहा, बल्कि सरकार और युवाओं के बीच टकराव का प्रतीक बन गया है। इससे युवाओं में यह भावना और मजबूत हुई है कि उनकी आवाज दबाई जा रही है।

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