अमेरिका और इसराइल के हमलों में अली ख़ामेनेई मारे गए। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने तुरंत कड़ा संदेश जारी किया। उन्होंने इस घटना को भयानक अपराध करार दिया। उन्होंने दोषियों को जवाब देने की खुली चेतावनी दी। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से एकजुट समर्थन की अपील की। उन्होंने कहा कि ईरान पूरी ताकत से प्रतिक्रिया देगा।
पेज़ेश्कियान ने ख़ामेनेई के नेतृत्व की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उन्होंने सैंतीस वर्षों तक मार्गदर्शन किया। उन्होंने इस्लाम के मोर्चे पर दूरदर्शिता से नेतृत्व संभाला। उन्होंने स्वीकार किया कि ईरान अब कठिन दौर में जाएगा। उन्होंने राष्ट्र से धैर्य और दृढ़ता बनाए रखने को कहा। उन्होंने समर्थकों से एकजुट रहकर संघर्ष जारी रखने को कहा।
Also Read: सरफराज अहमद बन सकते हैं पाकिस्तान टेस्ट टीम के नए कोच
ख़ामेनेई के बाद बढ़ता क्षेत्रीय तनाव और राजनीतिक बदलाव
ईरान के बाहर भी ख़ामेनेई के कई समर्थक मौजूद हैं। पाकिस्तान और भारत में शिया समुदाय उन्हें मानता है। इराक़ और सीरिया में लोग रैलियां निकालते रहे। प्रदर्शनकारियों ने उनकी तस्वीरें हाथों में उठाईं। कराची में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी काउंसलेट पर धावा बोला। गिलगित बाल्टिस्तान में भीड़ ने संपत्तियों को आग लगाई।
विश्लेषकों ने क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई। डॉक्टर कामरान बुखारी ने संभावित खतरों की चेतावनी दी। उन्होंने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की क्षमताओं पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रॉक्सी समूहों की मौजूदा ताकत पर चर्चा की। प्रोफेसर सिमोन फुक्स ने हिज्बुल्लाह की भूमिका बताई। उन्होंने इराक़ी समूहों द्वारा हमलों की आशंका जताई।
विशेषज्ञों ने ईरानी शासन में बदलाव की संभावना बताई। उन्होंने कहा कि व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नहीं होगी। उन्होंने माना कि तंत्र पहले जैसा मजबूत नहीं रहेगा। ट्रंप ने ईरान में नई व्यवस्था की इच्छा जताई। शोधकर्ताओं ने भविष्य में सुधार की संभावना देखी। उन्होंने विलायत ए फक़ीह विचारधारा के प्रभाव को रेखांकित किया।
Also Read: शाइन सिटी ने कैसे रचा उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा निवेश घोटाला?


More Stories
“कुर्द हमारी लड़ाई नहीं लड़ेंगे”: इराक की फर्स्ट लेडी की बड़ी अपील
C.V. Ananda Bose Resigns Ahead of Bengal Polls
Iran Crisis Hits India Through Oil and Remittances