सार:
जम्मू-कश्मीर के राजोरी में सुरक्षाबलो ंने उरी जैसे हमले की साजिश को नाकाम कर दिया है। आर्मी कैंप में घुसने की कोशिश कर रहे दो आतंकियों को मार गिराया है। दोनों तरफ से चली गोलियों में तीन जवान भी शहीद हुए हैं।

विस्तार:
जम्मू कश्मीर में स्वतंत्रता दिवस से पहले बड़ी साजिश नाकाम हुई है। जम्मू संभाग के परगल में उरी हमले जैसी साजिश को सुरक्षाबलों ने विफल कर दिया है। आर्मी कैंप में घुसने की कोशिश कर रहे दो आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। हालांकि इस हमले में तीन जवान शहीद हो गए हैं।
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, राजोरी के दारहाल इलाके के परगल में सेना के कैंप फेंस में आतंकियों ने घुसने की कोशिश की थी। इस पर अलर्ट जवानों ने संदिग्धों को देख फायरिंग शुरू कर दी। आतंकियों ने भी गोली चलाई।
दोनों तरफ से हुई फायरिंग में दो दहशतगर्द मारे गए हैं। जबकि तीन जवान शहीद हो गए हैं। फिलहाल तलाशी ऑपरेशन जारी है। ADGP मुकेश सिंह ने बताया कि दारहल थाने से 6 किलोमीटर दूर दूसरी पार्टियों को भी कैंप की ओर रवाना किया गया है। दो आतंकवादी मारे गए हैं। इलाके में तलाशी अभियान चल रहा है|
2016 में हुआ था उरी अटैक:
आपको बता दें कि 2016 में जम्मू कश्मीर के उरी में जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकियों ने आर्मी हेडक्वार्टर पर हमला किया था। हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे। जबकि करीब 30 जवान घायल हुए थे। हालांकि जवाबी कार्रवाई में चारों आतंकियों को मार गिराया गया था। वहीं, भारत ने भी पीओके में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था। इस दौरान आतंकी लॉन्च पैड तबाह किए थे।
बडगाम में लतीफ समेत 3 लश्कर आतंकी मुठभेड़ में ढेर:
मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में बुधवार को लगभग 12 घंटे चले ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने लतीफ राथर समेत लश्कर-ए-ताइबा के तीन दहशतगर्दों को मार गिराया। लतीफ राथर कश्मीरी पंडित सरकारी कर्मचारी राहुल भट और कश्मीरी अभिनेत्री अमरीन भट समेत कई नागरिकों की हत्या में शामिल था। अन्य दो दहशतगर्दों की फिलहाल शिनाख्त नहीं हुई है। सुरक्षाबलों ने तीनों के शव बरामद कर लिए हैं। मुठभेड़ स्थल से हथियार व गोला-बारूद भी बरामद किया गया है। एडीजीपी कश्मीर जोन विजय कुमार ने लतीफ के मारे जाने को सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता बताया है।
पुलवामा में 30 किलो आईईडी मिली :
उधर, दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में बुधवार को सुरक्षाबलों ने 30 किलो की आईईडी बरामद कर स्वतंत्रता दिवस से पहले बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया। यह आईईडी सर्कुलर रोड पर टहाब क्रॉसिंग के पास लगाई गई थी। बाद में इसे बम निरोधक दस्ते को बुलाकर नष्ट कर दिया गया। एक अधिकारी ने बताया कि सेना की एक रोड ओपनिंग पार्टी के जवानों को इलाके में गश्त के दौरान सड़क के किनारे एक संदिग्ध चीज दिखाई दी। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी जम्मू-कश्मीर पुलिस को दी। इसके तुरंत बाद बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा और इसे निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की। अधिकारी के अनुसार, इस दौरान इस मार्ग पर दोनों ओर ट्रैफिक को रोक दिया गया। बाद में इस आईईडी को निष्क्रिय कर दिया गया।

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