इसरो का यह मिशन अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की लगातार मज़बूत होती स्थिति को दर्शाता है। भारत का सबसे शक्तिशाली रॉकेट LVM3, जिसे ‘बाहुबली’ के नाम से जाना जाता है, इस बार AST SpaceMobile के BlueBird-6 सैटेलाइट को अंतरिक्ष में स्थापित करेगा। इस सैटेलाइट का उद्देश्य उन क्षेत्रों तक सीधे मोबाइल ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुँचाना है जहाँ मोबाइल टावर लगाना संभव नहीं है—जैसे खुले समुद्र में चल रहे जहाज़ और बेहद दूरस्थ इलाके। 24 दिसंबर की दोपहर प्रस्तावित यह लॉन्च इसरो की व्यावसायिक इकाई न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी। इस मिशन की सफलता यह दिखाएगी कि भारी सैटेलाइट्स को लॉन्च करने के मामले में भारत अब वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद विकल्प बन चुका है।
Also Read:स्टॉक्स पर दबाव सेंसेक्स 140 अंक टूटा
LVM3 क्यों खास है BlueBird-6 सैटेलाइट?
LVM3 इसरो का सबसे भारी और विश्वसनीय लॉन्च वाहन है, जिसका कुल वजन करीब 642 टन है। यह बड़े और भारी सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष तक पहुँचाने में सक्षम है। इसी रॉकेट के ज़रिए चंद्रयान-3 जैसे ऐतिहासिक मिशन पूरे किए गए, जिसके कारण इसे ‘इसरो का बाहुबली’ कहा जाता है। सॉलिड, लिक्विड और क्रायोजेनिक इंजनों के संयोजन से यह रॉकेट बेहद शक्तिशाली और तेज़ बनता है। इस मिशन का सबसे अहम हिस्सा BlueBird-6 सैटेलाइट है, जो संचार क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है। यह बिना किसी अतिरिक्त उपकरण या डिश के सीधे मोबाइल फोन पर हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराने में सक्षम है। इसका सबसे ज़्यादा लाभ समुद्र में लंबे समय तक रहने वाले जहाज़ों और दूरस्थ क्षेत्रों को मिलेगा। अंतरिक्ष में पहुँचने के बाद जब इसका विशाल एंटीना खुलेगा, तो सिग्नल कवरेज और भी बेहतर हो जाएगा।
अगर मौसम अनुकूल रहा, तो 24 दिसंबर 2025 को दोपहर के समय यह रॉकेट श्रीहरिकोटा स्थित दूसरे लॉन्च पैड से उड़ान भरेगा। इसरो ने रॉकेट से जुड़ी सभी तकनीकी जाँच पूरी कर ली हैं ,अब लॉन्च काउंटडाउन शुरू होने का इंतज़ार है। यह लॉन्च सिर्फ एक अंतरिक्ष मिशन नहीं, बल्कि भारत के लिए गर्व का क्षण है। चूंकि यह एक कमर्शियल मिशन है, इससे देश को विदेशी मुद्रा भी प्राप्त होगी। अंतरराष्ट्रीय कंपनियाँ अब स्पेसएक्स जैसे विकल्पों के साथ-साथ इसरो पर भी भरोसा जता रही हैं। भारी सैटेलाइट्स को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेजकर भारत ने अपनी इंजीनियरिंग क्षमता को फिर साबित किया है। क्रिसमस के आसपास होने वाली यह लॉन्चिंग देश के लिए एक खास तोहफे से कम नहीं होगी, जो दिखाती है कि अंतरिक्ष की दौड़ में भारत मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
Also Read:वंदे भारत ट्रेन में टीटीई पर ओवरचार्ज और गाली-गलौज के आरोप


More Stories
Office attack over relationship breakup: Man stabs ex-girlfriend, attempts suicide afterward
PoK में एक महीने का लॉकडाउन लागू, पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध तेज
Kerala Auto Driver Travels Six Hours to Return Lost ATM Card to American Tourist