इस्राइली सेना ने हमले के बाद बिना सबूत पेश किए दावा किया कि हमास और इस्लामिक जिहाद ने स्कूल को अपने अभियानों के लिए कवर के तौर पर इस्तेमाल किया। सेना ने बताया कि हमले से पहले नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण कदम भी उठाए गए।
इस्राइल की सेना ने गुरुवार को बताया कि उन्होंने गाजा पट्टी में एक स्कूल के अंदर हमास के ठिकानों को निशाना बनाया। हमास से जुड़े मीडिया ने इस हमले का जिक्र करते हुए कहा कि कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों घायल हैं। यह हमला गुरुवार की सुबह नुसीरत क्षेत्र में किया गया। हालांकि, इस हमले के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है। स्थानीय मीडिया ने इस हमले में कम से कम 39 लोगों के मरने की सूचना दी। वहीं, फलस्तीन न्यूज एजेंसी ने बताया कि इस हमले में 32 लोगों की मौत हुई है।
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इस्राइली सेना ने फलस्तीनियों के संयुक्त राष्ट्र स्कूल पर हमला किया
इस्राइली सेना ने बताया कि उनके लड़ाकू विमानों ने फलस्तीनियों को सहायता प्रदान करने वाली संयुक्त राष्ट्र एजेंसी द्वारा संचालित स्कूल पर हमला किया। हमले के बाद इस्राइली सेना ने बिना सबूत पेश किए दावा किया कि हमास और इस्लामिक जिहाद ने स्कूल को अपने अभियानों के लिए कवर के तौर पर इस्तेमाल किया। सेना ने बताया कि हमले से पहले नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए, जिसमें हवाई निगरानी और अतिरिक्त खुफिया जानकारी शामिल हैं। नुसीरत शरणार्थी कैंप गाजा पट्टी के बीचोबीच में स्थित है, जो 1948 में अरब-इस्राइल युद्ध के समय का बना हुआ फलस्तीनी शर्णार्थी शिविर है। इस्राइली सेना ने स्कूल का एक ग्राफिक प्रकाशित किया, जिसमें स्कूल की छत पर संयुक्त राष्ट्र लिखा हुआ था और स्कूल के उपरी मंजिल को निशाना बनाया गया था।
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पिछले साल सात अक्तूबर को हमास ने इस्राइल में घुसकर हमले किए, जिसमें लगभग 1,160 लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले में ज्यादातर मरने वाले इस्राइली नागरिक थे। हमले के बाद, हमास ने 250 से अधिक इस्राइली और विदेशियों को गाजा में बंधक बनाया। यहां तक कि इस संघर्ष के बीच, हमास ने कुछ बंधकों को रिहा भी कर दिया था, लेकिन इस्राइल के मुताबिक, अभी भी 99 बंधक हमास के कब्जे में हैं।
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