इज़रायल दौरे पर पीएम मोदी बुधवार को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर के लिए रवाना हो गए।दिल्ली के Palam Air Force Station से सुबह उनका विमान उड़ा।उनके आगमन से पहले इज़रायल की संसद Knesset तिरंगे की रोशनी से जगमगा उठी।नेसेट के स्पीकर ने यह तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा कर उनका स्वागत किया।
इजरायल भारत का मजबूत साझेदार-पीएम मोदी
यह यात्रा 25–26 फरवरी 2026 को हो रही है और पीएम मोदी का यह इज़रायल का दूसरा दौरा है। 2017 के बाद दूसरी इज़रायल यात्रा में रक्षा, AI, साइबर सुरक्षा, क्वांटम, व्यापार, कृषि और जल प्रबंधन पर समझौते संभव हैं। रवाना होने से पहले Narendra Modi ने कहा, भारत-इज़रायल रणनीतिक साझेदारी वर्षों में और मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि वे इज़रायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के साथ व्यापक बातचीत करेंगे और राष्ट्रपति Isaac Herzog से भी मुलाकात करेंगे। साथ ही वे नेसेट को संबोधित करेंगे—यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला संबोधन होगा।
Also Read:पेपर लैमिनेशन फैक्ट्री में भीषण आग, 20 एलपीजी सिलेंडर फटे
इज़रायल दौरे में क्या है पीएम मोदी का कार्यक्रम?
अपने कार्यक्रम के अनुसार, पीएम मोदी स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:45 बजे Ben Gurion International Airport पहुंचेंगे, जहां नेतन्याहू स्वयं उनका स्वागत करेंगे। शाम को येरुशलम में नेसेट में उनका औपचारिक स्वागत और संबोधन होगा। इसके बाद वे टेक्नोलॉजी और एआई केंद्रित एक इनोवेशन कार्यक्रम में भाग लेंगे तथा किंग डेविड होटल में आधिकारिक रात्रिभोज में शामिल होंगे। अगले दिन वे Yad Vashem होलोकॉस्ट स्मारक का दौरा करेंगे और द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त बयान जारी किया जाएगा।
हेक्सागन’ क्या है…जिसमें शामिल हुआ भारत?
इस बीच, नेतन्याहू ने भारत को “हेक्सागॉन एलायंस” में शामिल करने की घोषणा की है। उन्होंने इसे उग्रवाद और आतंकवाद के खिलाफ देशों का एक रणनीतिक समूह बताया। इस प्रस्तावित गठबंधन में भारत और इज़रायल के अलावा कुछ अरब, अफ्रीकी और भूमध्यसागरीय देश—जैसे ग्रीस और साइप्रस—शामिल बताए जा रहे हैं।इसे India-Middle East-Europe Economic Corridor (IMEC) की व्यापक अवधारणा से भी जोड़ा जा रहा है, जिसका उद्देश्य कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है। नेतन्याहू ने भारत को “वैश्विक शक्ति” और प्रधानमंत्री मोदी को “व्यक्तिगत मित्र” बताते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध पहले से अधिक मजबूत हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन साझा चुनौतियों का सामना करने और क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।
Also Read:शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों को ₹6.3 लाख करोड़ का नुकसान


More Stories
कौन हैं मोजतबा ख़ामेनेई, जिन्हें अगल सुप्रीम लीडर माना जा रहा है
RSP Leads Nepal Election 2026
AIIMS जोधपुर से पढ़ाई, UPSC में टॉप कर बने मिसाल अनुज अग्निहोत्री