ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है, और अब इसमें नई धमकियों ने तनाव को और बढ़ा दिया है। 31 मार्च को ईरान ने साफ तौर पर कहा कि वह अपने देश पर होने वाले हर हमले का जवाब पश्चिमी एशिया में मौजूद अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाकर देगा। ईरानी सेना ने ऐसी 18 मल्टीनेशनल कंपनियों की सूची जारी की है, जिन पर मिसाइल हमले किए जा सकते हैं। हालांकि, ईरान ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये हमले किन देशों से शुरू होंगे।
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ईरान की नई धमकी से पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव
Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने घोषणा की कि 1 अप्रैल से यह कार्रवाई लागू होगी। संगठन ने कहा कि तेहरान समयानुसार रात 8 बजे के बाद हर ‘हमले’ के जवाब में इन कंपनियों के ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। सूची में Google, Apple, Microsoft, Intel, IBM, Tesla और Boeing जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। IRGC ने इन कंपनियों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
इससे पहले, ईरान ने दुबई के पास एक तेल टैंकर को आग के हवाले कर दिया था और खाड़ी क्षेत्र में जहाजों को निशाना बनाना जारी रखा है। विशेष रूप से Strait of Hormuz में हमलों से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस स्थिति का असर भारत समेत कई देशों पर पड़ा है, जहां ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
इस बीच, Donald Trump ने चेतावनी दी कि यदि ईरान शांति समझौते के लिए आगे नहीं आता और होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोलता, तो अमेरिका उसके ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाएगा। वहीं, Pete Hegseth ने कहा कि अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई भी जारी रखेगा। दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी प्रत्यक्ष बातचीत से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि वह अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है।
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