August 24, 2026

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धरती के नीचे मिला गैस का विशाल भंडार, इस देश की बदली किस्मत! क्या अब खत्म होगा Energy Crisis

ईरान ने अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव और घरेलू ऊर्जा चुनौतियों के बीच दक्षिणी फार्स प्रांत में 7.5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट से अधिक प्राकृतिक गैस भंडार मिलने का दावा किया है। अधिकारियों के मुताबिक, इसमें लगभग 5.7 ट्रिलियन क्यूबिक फीट गैस ऐसी है, जिसे व्यावसायिक रूप से निकाला जा सकता है। ईरान के तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद ने इस खोज को देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया है। इतनी बड़ी मात्रा में गैस मिलने से ईरान को भविष्य में अपनी घरेलू ऊर्जा जरूरतें पूरी करने और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस खोज का फायदा तुरंत नहीं मिलेगा। गैस निकालने के लिए बड़े निवेश, आधुनिक तकनीक और पर्याप्त उत्पादन एवं परिवहन ढांचे की जरूरत होगी। मौजूदा प्रतिबंधों और आर्थिक दबाव के बीच इन संसाधनों को विकसित करना ईरान के सामने बड़ी चुनौती हो सकती है।

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ईरान में मिला 7.5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट से ज्यादा गैस का भंडार

नई खोज में मौजूद 5.7 ट्रिलियन क्यूबिक फीट रिकवर योग्य गैस ईरान के लिए रणनीतिक महत्व रखती है। तेल मंत्री ने इसकी तुलना साउथ पार्स गैस फील्ड के एक चरण से होने वाले करीब 15 वर्षों के उत्पादन से की है। साउथ पार्स दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस क्षेत्रों में शामिल है और इसे ईरान तथा कतर साझा करते हैं। नए भंडार से ईरान को घरेलू गैस आपूर्ति मजबूत करने का अवसर मिल सकता है। इसके अलावा, सरकार भविष्य में इस गैस का इस्तेमाल उद्योगों और बिजली उत्पादन में भी बढ़ा सकती है। हालांकि, किसी भी गैस खोज की वास्तविक आर्थिक कीमत उसके उत्पादन पर निर्भर करती है। ईरान को इसके लिए कुएं, पाइपलाइन, प्रोसेसिंग प्लांट और अन्य सुविधाएं विकसित करनी होंगी। पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण तकनीक।

गैस भंडार के साथ इस क्षेत्र में गैस कंडेनसेट मिलने की भी जानकारी सामने आई है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इसकी संभावित कीमत अरबों डॉलर तक हो सकती है। गैस कंडेनसेट हल्के हाइड्रोकार्बन का मिश्रण होता है और इसका इस्तेमाल पेट्रोलियम उत्पादों तथा पेट्रोकेमिकल उद्योग में किया जाता है। इससे नई परियोजना की आर्थिक क्षमता और बढ़ सकती है। ईरान पहले से ही तेल और गैस उद्योग पर पश्चिमी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। इन प्रतिबंधों ने देश के लिए वित्तीय संसाधन, आधुनिक उपकरण और अंतरराष्ट्रीय तकनीक जुटाना मुश्किल बनाया है। ऐसे समय में घरेलू ऊर्जा संसाधन की यह नई खोज सरकार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अगर ईरान इस भंडार का सफलतापूर्वक व्यावसायिक विकास करता है, तो उसे भविष्य में अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है। साथ ही, देश की ऊर्जा आपूर्ति में आत्मनिर्भरता बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

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ऊर्जा संकट के बीच नई खोज, लेकिन उत्पादन शुरू होने में लगेगा समय

ईरान के ऊर्जा क्षेत्र को हालिया संघर्ष और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों से भी नुकसान पहुंचा है। रिपोर्टों के अनुसार, हमलों के बाद देश की दैनिक गैस उत्पादन क्षमता में करीब एक चौथाई तक गिरावट आई थी। साउथ पार्स से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण ऊर्जा प्रतिष्ठान भी प्रभावित हुए थे। हालांकि बाद में उत्पादन क्षमता के कुछ हिस्से को बहाल किया गया, लेकिन ऊर्जा व्यवस्था पर दबाव बना रहा। सरकार ने सर्दियों में संभावित गैस संकट को देखते हुए लोगों से खपत कम करने की अपील भी की है। ईरान की अर्थव्यवस्था और बिजली व्यवस्था प्राकृतिक गैस पर काफी निर्भर है, इसलिए उत्पादन में कमी का सीधा असर देश पर पड़ सकता है। ऐसे समय में नई गैस खोज राहत की उम्मीद जगाती है। लेकिन नए भंडार को उत्पादन में बदलने में कई साल लग सकते हैं।

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए चिंता का बड़ा कारण बना हुआ है। फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस व्यापार के लिए बेहद अहम है। यहां किसी लंबे व्यवधान से वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। इसी बीच ईरान अमेरिकी और पश्चिमी प्रतिबंधों से भी जूझ रहा है। अमेरिका की ओर से ईरान पर और कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने के संकेतों ने स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। ऐसे माहौल में नई गैस खोज ईरान के लिए बड़ी रणनीतिक संपत्ति साबित हो सकती है, लेकिन इसे जमीन से निकालने के लिए भारी निवेश और आधुनिक तकनीक चाहिए। यदि प्रतिबंधों के बावजूद ईरान उत्पादन ढांचा तैयार कर लेता है।

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