ईरान में आर्थिक संकट के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों के बीच देशभर में इंटरनेट ब्लैकआउट लागू किया गया है।
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान ने एयरस्पेस बंद कर सेना को अलर्ट पर रखा है।
खामेनेई सरकार को अमेरिका की ओर से संभावित सैन्य हमले की आशंका है।
गुरुवार रात 8 जनवरी 2026 को ईरान में देशव्यापी इंटरनेट बंद होने की खबर आई।
तेहरान सहित कई शहरों में प्रदर्शन के बाद इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं ठप कर दी गईं।
ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान ने एयरस्पेस सील कर सैन्य तैयारियां तेज कीं।
आर्थिक संकट से उपजे विरोध प्रदर्शन ईरान की धर्मशासित व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं।
बीते 12 दिनों के प्रदर्शनों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई से मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।
एमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स वॉच के अनुसार, ईरान के लगभग सभी प्रांतों में प्रदर्शन जारी हैं।
दमनकारी कार्रवाई में बच्चों समेत कम से कम 38 लोगों की मौत और सैकड़ों घायल हुए हैं।
क्लाउडफ्लेयर और नेटब्लॉक्स ने इंटरनेट आउटेज की पुष्टि कर इसे सरकारी हस्तक्षेप बताया।
नेटब्लॉक्स के अनुसार, लाइव डेटा ईरान में देशव्यापी इंटरनेट ब्लैकआउट दर्शाता है।
यह कदम प्रदर्शनों के दौरान जनता के संवाद के अधिकार को प्रभावित कर रहा है।
ईरान के इस्लामिक शासन को ट्रंप की चेतावनी
दुबई से ईरान के लैंडलाइन और मोबाइल नंबरों पर कॉल कनेक्ट नहीं हो सकीं. इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान का इस्लामिक शासन शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बलपूर्वक दबाने और प्रदर्शनकारियों की हत्या करता रहेगा तो अमेरिका बहुत कड़ी कार्रवाई करेगा. एक रेडियो इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, ‘अगर वे लोगों को मारना शुरू करते हैं, तो हम उन्हें बहुत जोर से जवाब देंगे.’ अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ईरान के उन उन प्रदर्शनकारियों के साथ खड़ा है जो अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं जेडी वेंस ने कहा, ‘हम निश्चित रूप से उन सभी लोगों का समर्थन करते हैं जो शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं.
ईरानी शासन के सामने कई गंभीर समस्याएं हैं. उनके लिए सबसे समझदारी भरा कदम यह होता कि वे अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ वास्तविक बातचीत करते.’ रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रदर्शनकारियों पर हिंसा नहीं रुकी, तो राष्ट्रपति ट्रंप घातक कार्रवाई कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान की सड़कों पर उतरकर विरोध कर रहे आम नागरिकों के साथ खड़ा है.


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