मालदीव के पर्यटन क्षेत्र पर भारत और मालदीव के बीच जारी संघर्ष का असर पड़ा है। जनवरी से अप्रैल तक मालदीव आने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में चालीस प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। मालदीव की मिनिस्ट्री ऑफ टूरिज्म ने जनवरी से अप्रैल तक 43,991 टूरिस्ट भारत से आए हैं। मालदीव के पर्यटन मंत्री इब्राहिम फैसल ने सोमवार (6 मई) को भारतीयों से अपने देश में आने की अपील की। टूरिज्म हमारी अर्थव्यवस्था का एकमात्र आधार है, उन्होंने कहा।
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‘मालदीव ने हमेशा भारत के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाया’
पर्यटन मंत्री ने कहा कि मालदीव भारत से हमेशा दोस्ती चाहता है। भारतीयों का स्वागत हमारी सरकार हमेशा करती है। भारत से अधिकांश पर्यटक मालदीव आए थे। अब यह छठे स्थान पर है। मालदीव ने पहले कहा था कि वह भारतीय पर्यटकों को लुभाने के लिए देश के कई शहरों में रोड शो करेगा। रोड शो कब और किन शहरों में होंगे, इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई।
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मालदीव एसोसिएशन ऑफ टूर एंड ट्रैवल ऑपरेटर्स (MATATO) ने बताया कि भारत के हाई कमिश्नर मुनु महावर ने दोनों देशों के बीच यात्रा और पर्यटन सहयोग को बढ़ाना चाहा। जनवरी 2024 के बाद से भारत से मालदीव जाने वाले पर्यटकों की संख्या बहुत कम हुई है। इसकी वजह वहां के नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई गंदी टिप्पणी है।
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तनाव बढ़ा: 7 जनवरी के बाद भारत-मालदीव संबंधों में
7 जनवरी को भारत में बोकोट मालदीव हैशटैग ट्रेंड हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने लक्षद्वीप दौरे का एक वीडियो पोस्ट किया था। अब लक्षद्वीप मालदीव से अधिक सुंदर था। इसके बाद सोशल मीडिया पर चर्चा हुई कि लक्षद्वीप जाना लाखों रुपये खर्च कर मालदीव जाने से बेहतर है। मालदीव के नेता और मंत्री इससे परेशान दिखे। सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। उसने यह भी कहा कि भारत मालदीव की सेवाओं में मुकाबला नहीं कर सकता।
मालदीव ने भारतीय सेना को निकालने का आदेश, भारतीय टेक्निकल स्टाफ टीम पहुंची
10 मई से पहले भारतीय सेना को मालदीव छोड़ने का आदेश दिया गया। 11 मार्च को पहली बार 25 भारतीय सैनिकों ने मालदीव छोड़ दिया। 9 अप्रैल को एक और भारतीय सैनिक समूह ने मालदीव छोड़ दिया।
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फरवरी में नई दिल्ली में मालदीव और भारत के बीच हुए एक समझौते के अनुसार, भारत की टेक्निकल स्टाफ टीम मालदीव में मौजूद भारतीय सैनिकों की देखरेख करेगी। 26 मई को पहला टेक्निकल स्टाफ बैच मालदीव पहुंचा।


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