टी-20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 से पहले ग्रुप स्टेज में चारों मैच जीतने के बाद जब कप्तान सूर्यकुमार यादव से पूछा गया कि क्या टीम ने सभी बॉक्स टिक कर लिए हैं, तो उन्होंने संक्षिप्त जवाब देकर संकेत दे दिया कि अभी सुधार की गुंजाइश है। भले ही भारत ने ग्रुप ए में टॉप करते हुए +2.500 के बेहतरीन नेट रन रेट के साथ दबदबा बनाया, लेकिन टीम प्रबंधन कुछ अहम कमियों से वाकिफ है। सुपर-8 में मजबूत टीमों से भिड़ंत से पहले इन सवालों का हल निकालना जरूरी होगा।
ओपनर अभिषेक शर्मा का खराब फॉर्म भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता बनकर उभरा है। पावरप्ले में तेज शुरुआत दिलाने के लिए पहचाने जाने वाले अभिषेक इस टूर्नामेंट में खाता तक नहीं खोल पाए हैं। अमेरिका के खिलाफ पहली गेंद पर आउट हुए और अन्य मैचों में भी लंबी पारी नहीं खेल सके। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि उन्हें शुरुआत में जोखिम लेने के बजाय टिककर खेलने की रणनीति अपनानी चाहिए। हालांकि टीम मैनेजमेंट अब भी उन्हें मैच विनर मानता है।
तिलक वर्मा की धीमी बल्लेबाज़ी भी टीम के लिए दबाव बढ़ा रही है। नंबर तीन पर भरोसेमंद बल्लेबाज़ के तौर पर पहचान बना चुके तिलक इस बार बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं। उन्होंने रन तो बनाए, लेकिन स्ट्राइक रेट कम रहने से दूसरे बल्लेबाज़ों पर दबाव बढ़ा। पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के खिलाफ उनकी धीमी पारी ने टीम की गति को प्रभावित किया। कप्तान सूर्यकुमार ने हालांकि कहा कि बल्लेबाज़ परिस्थितियों के अनुसार जिम्मेदारी से खेल रहे हैं।
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सुपर-8 से पहले भारत की बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी पर सवाल
स्पिन गेंदबाज़ों के खिलाफ भारतीय बल्लेबाज़ों का संघर्ष लगातार दिखा है। अमेरिका, नामीबिया, पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के स्पिनर्स ने भारत को परेशान किया और नियमित अंतराल पर विकेट लिए। विरोधी टीमों ने मिडिल ओवर्स में रन गति पर अंकुश लगाया। इससे साफ संकेत मिलता है कि स्पिन के खिलाफ रणनीति में सुधार की जरूरत है, खासकर सुपर-8 जैसे अहम चरण में।
फील्डिंग और डेथ ओवर्स की गेंदबाज़ी भी टीम के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के खिलाफ भारतीय खिलाड़ियों ने कई कैच छोड़े, जिससे विपक्ष को अतिरिक्त मौके मिले। नीदरलैंड्स ने आखिरी चार ओवर में 50 से ज्यादा रन बटोरकर भारत की डेथ बॉलिंग पर सवाल खड़े किए। अब सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे जैसी टीमों के खिलाफ भारत को इन कमजोरियों को दूर करना ही होगा, तभी खिताब की उम्मीदें कायम रह पाएंगी।


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