पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच जारी संघर्ष के बीच भारत को बड़ी कूटनीतिक राहत मिली है। सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच हुई टेलीफोनिक बातचीत के बाद ईरान ने भारतीय तेल टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है। यह फैसला भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इस जलमार्ग से दुनिया के तेल और प्राकृतिक गैस का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
Also Read: LPG संकट बढ़ा: मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाओं पर खतरे की आहट
जयशंकर-अराघची बातचीत के बाद ईरान ने भारतीय तेल टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजरने की दी अनुमति, ऊर्जा आपूर्ति बनी रहेगी
सूत्रों ने बताया कि दोनों नेताओं की बातचीत का मुख्य उद्देश्य इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को खुला बनाए रखना था, ताकि कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति बाधित न हो। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर काफी निर्भर है, इसलिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्थिरता उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
भारत ने इस मुद्दे पर केवल ईरान से ही नहीं बल्कि अन्य प्रमुख वैश्विक शक्तियों से भी संपर्क बनाए रखा। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो से भी बातचीत कर क्षेत्रीय हालात और समुद्री व्यापार मार्गों को खुला रखने पर चर्चा की। इन प्रयासों का उद्देश्य वैश्विक सप्लाई चेन को बाधित होने से बचाना था।
मौजूदा तनावपूर्ण हालात में ईरान ने जहां अमेरिका, यूरोप और इजरायल से जुड़े जहाजों पर प्रतिबंध जारी रखे हैं, वहीं भारतीय टैंकरों को विशेष छूट दी है। यह भारत की सक्रिय कूटनीति का नतीजा माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा संकट के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही करीब 90 प्रतिशत तक घट गई है और कई देशों के टैंकर रास्ते में फंसे हुए हैं। ऐसे समय में भारतीय जहाजों को मिली यह अनुमति भारत के लिए बड़ी राहत है।
Also Read: अदृश्य तकनीक से मध्य पूर्व के समुद्र में जहाज़ों की सुरक्षा पर खतरा


More Stories
Gulf Attacks: India Backs UN Resolution Against Iran
पुणे के ऐतिहासिक Shaniwar Wada में आग, मराठा इतिहास की धरोहर बची
Crude Rally Continues Despite Record Oil Reserve Move