March 6, 2026

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कनाडा

भारत कनाडा रिश्तों में तनाव कम व्यापार समझौते को नई गति देने की तैयारी

दोनों देशों के बीच दो साल की तनातनी के बाद अब रिश्ते सुधरते दिख रहे हैं। जी20 सम्मेलन में पीएम मोदी और कनाडा के पीएम कार्नी की बैठक के बाद दोनों देशों ने रुकी हुई व्यापारिक वार्ताओं को फिर से शुरू करने पर सहमति जताई। कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने कहा कि कनाडा अपनी नई विदेश नीति के तहत भारत के साथ व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से काम करेगा, ताकि वैश्विक माहौल में आर्थिक साझेदारी को मजबूती मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश जल्द ही नई व्यापारिक साझेदारी पर काम शुरू करेंगे, और कनाडा ने अपनी नीति में बदलाव कर वैश्विक चुनौतियों जैसे ट्रेड वॉर का सामना करने के लिए तैयार किया है।

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व्यापारिक रिश्तों को लेकर कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने कहा कि दोनों देश 2030 तक आपसी व्यापार को 50 अरब डॉलर तक बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। वर्तमान में कनाडा भारत का सातवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और एक प्रमुख विदेशी निवेशक भी। कनाडा के प्रधानमंत्री कार्नी अगले साल भारत दौरे पर आएंगे। हालांकि, दोनों देशों के रिश्तों में खटास 2023 में आई, जब कनाडाई पुलिस ने वैंकूवर के पास सिख कार्यकर्ता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत की भूमिका का आरोप लगाया। निज्जर, जो खालिस्तान आंदोलन से जुड़े थे, की जून 2023 में हत्या कर दी गई थी। इस विवाद के बाद कनाडा ने भारत के साथ व्यापार वार्ता रोक दी थी, और मामले में चार भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है।

भारत कनाडा संबंधों में सुधार और व्यापार वृद्धि

पीएम कार्नी ने पीएम मोदी को जी7 शिखर सम्मेलन के लिए अल्बर्टा आमंत्रित किया, और अगस्त में दोनों देशों ने अपने शीर्ष राजनयिकों को फिर से नियुक्त किया। कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने कहा कि पिछले छह महीनों में संबंधों में महत्वपूर्ण सुधार हुए हैं। कनाडा, जो विश्व के सबसे व्यापार-निर्भर देशों में से एक है और जिसका 75% निर्यात अमेरिका को जाता है, अब अमेरिका से बाहर अपने व्यापार को दोगुना करने की योजना बना रहा है। इसके तहत, कनाडा भारत के साथ अपने व्यापार को बढ़ाने और चीन के साथ भी संबंध सुधारने की दिशा में सक्रिय कदम उठा रहा है, जैसा कि हाल ही में कार्नी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात से जाहिर हुआ।

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