May 9, 2026

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हंता वायरस क्या है, कितना खतरनाक?

हंता वायरस का प्रकोप सामने आने के बाद एमवी होंडियस नाम का समुद्री जहाज़ चर्चा में आ गया है। यह जहाज़ इस सप्ताह कैनरी आइलैंड्स पहुँचने वाला है। जहाज़ पर यात्रा कर रहे तीन लोगों में वायरस की पुष्टि हुई है। वहीं पाँच अन्य मामलों को संदिग्ध माना गया है और स्वास्थ्य एजेंसियां उन पर नज़र रख रही हैं। पुष्टि किए गए मामलों में एक डच महिला शामिल है जिसकी मौत हो चुकी है। एक ब्रिटिश यात्री दक्षिण अफ्रीका के अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। एक स्विस यात्री का इलाज ज़्यूरिख़ के अस्पताल में चल रहा है। संदिग्ध मामलों में एक ब्रिटिश नागरिक, एक डच क्रू सदस्य और एक जर्मन यात्री शामिल हैं।

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जहाज़ पर मिले हंता वायरस मामलों के बाद संक्रमित यात्रियों और संपर्कों की निगरानी तेज हुई

ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी ने बताया कि दो ब्रिटिश यात्री वायरस के संभावित संपर्क में आए थे। दोनों ने यात्रा के शुरुआती चरण में जहाज़ छोड़ दिया था और फिलहाल घर पर आइसोलेशन में हैं। अमेरिका के एरिज़ोना और जॉर्जिया राज्य भी तीन यात्रियों की निगरानी कर रहे हैं। ये यात्री केप वर्डे पहुँचने से पहले जहाज़ से उतरकर अमेरिका लौट गए थे। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हंता वायरस कई तरह के वायरसों का समूह है। यह संक्रमण आमतौर पर चूहों और दूसरे कुतरने वाले जानवरों के मल-मूत्र से फैलता है। विशेषज्ञों ने बताया कि एंडीज़ वायरस इसका एक खतरनाक प्रकार है। यह वायरस बहुत कम मामलों में इंसानों से इंसानों में भी फैल सकता है।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने माना कि जहाज़ पर संक्रमण नज़दीकी संपर्क के कारण फैला हो सकता है। वायरस के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों को उनके केबिन तक सीमित कर दिया है। विशेषज्ञ लगातार सोशल डिस्टेंसिंग और हाथ साफ रखने की सलाह दे रहे हैं। स्वास्थ्य टीमें संक्रमित लोगों के संपर्क में आए यात्रियों की पहचान भी कर रही हैं। अधिकारियों ने अभी तक संक्रमण की असली शुरुआत की पुष्टि नहीं की है। शुरुआती जांच में पता चला कि एक डच दंपती ने जहाज़ पर चढ़ने से पहले दक्षिण अमेरिका की यात्रा की थी। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि संक्रमण वहीं से जहाज़ तक पहुंचा हो सकता है। हालांकि स्वास्थ्य एजेंसियों ने कहा कि फिलहाल जहाज़ के बाहर संक्रमण फैलने का कोई सबूत नहीं मिला है।

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