June 13, 2026

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MK1 का सफल परीक्षण, भारत की रक्षा शक्ति हुई मजबूत

भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक को नई मजबूती देते हुए Hoverit ने राजस्थान के जोधपुर में अपने टैक्टिकल लोइटरिंग म्यूनिशन प्लेटफॉर्म दिव्यास्त्र Mk-1 का सफल परीक्षण किया। इस मौके पर भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। परीक्षण के दौरान कंपनी ने वाहन पर लगे मोबाइल लॉन्चर से UAV को कई बार सफलतापूर्वक लॉन्च किया और इसकी परिचालन क्षमता का प्रदर्शन किया। इस उपलब्धि को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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AI और स्वार्म तकनीक से लैस है MK-1

Hoverit ने दिव्यास्त्र Mk-1 को खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी, टोही और सटीक हमलों के लिए विकसित किया है। परीक्षण के दौरान UAV ने तेज तैनाती, युद्धक्षेत्र में गतिशील संचालन और कठिन परिस्थितियों में मिशन निष्पादन की अपनी क्षमता साबित की। इस अभ्यास ने वास्तविक परिचालन माहौल में ISR (इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉनिसेंस) तथा टोही मिशनों को प्रभावी ढंग से पूरा करने की इसकी क्षमता को भी प्रदर्शित किया।

दिव्यास्त्र Mk-1 आधुनिक युद्ध की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। जहां पारंपरिक क्रूज मिसाइलें काफी महंगी होती हैं और सीमित लक्ष्यों के लिए इस्तेमाल की जाती हैं, वहीं इस लोइटरिंग म्यूनिशन प्लेटफॉर्म को बड़े पैमाने पर तैनाती के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी लागत प्रभावशीलता और बहुउद्देशीय उपयोगिता इसे सैन्य अभियानों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बनाती है।

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यह UAV 500 किलोमीटर तक की परिचालन रेंज और लगभग 5 घंटे की उड़ान क्षमता प्रदान करता है। दिव्यास्त्र Mk-1 300 से 400 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हमला कर सकता है और 15 किलोग्राम तक पेलोड ले जाने में सक्षम है। AI और स्वार्म तकनीक से लैस यह प्लेटफॉर्म सटीक हमले, लोइटरिंग और डिकॉय ऑपरेशन कर सकता है। इसके अलावा, इसे EO/IR सेंसर, संचार रिले सिस्टम और मिशन-विशिष्ट वॉरहेड के साथ कॉन्फिगर किया जा सकता है, जिससे विभिन्न सैन्य अभियानों में इसकी उपयोगिता और बढ़ जाती है।

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