May 7, 2026

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साइबर ठग

साइबर ठग ने ‘टेरर फंडिंग’ का डर दिखाकर ₹1.60 करोड़ ठगे

साइबर ठग कभी जज के नाम पर तो कभी पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे हैं। पिछले कुछ समय में देशभर में ऐसे मामलों में तेजी आई है, जहां ठग खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या कोर्ट से जुड़ा अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं,फिर उनसे भारी रकम वसूल लेते हैं। हाल ही में नासिक से भी ऐसा ही एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां साइबर अपराधियों ने एक व्यक्ति से 1 करोड़ 60 लाख रुपये ठग लिए। जानकारी के मुताबिक, अज्ञात साइबर ठगों ने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताते हुए शिकायतकर्ता को वॉट्सऐप कॉल किया। कॉल के दौरान ठगों ने दावा किया कि उसका नाम आतंकी फंडिंग, अवैध मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर मामलों में सामने आया है।

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अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराए 1.60 करोड़

इसके बाद साइबर ठगों ने जांच से बचाने और कथित केस बंद कराने के नाम पर पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाने शुरू कर दिए। डर और तनाव में आए पीड़ित ने आरोपियों के कहने पर कई ट्रांजैक्शन किए और कुल 1 करोड़ 60 लाख रुपये गंवा दिए। जब उसे ठगी का अहसास हुआ, तब उसने पुलिस से संपर्क किया। मामले के सामने आने के बाद नासिक साइबर पुलिस स्टेशन में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस उन बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल माध्यमों की जांच कर रही है जिनका इस्तेमाल इस ठगी में किया गया। अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी लोगों को डराकर और सरकारी एजेंसियों का नाम लेकर ठगी की नई-नई तरकीबें अपना रहे हैं।

इससे पहले पटना में भी इसी तरह का मामला सामने आया था। वहां साइबर ठगों ने पटना हाई कोर्ट के जज के नाम पर कॉल कर बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष उदय शंकर प्रसाद सिंह से करीब 20 लाख रुपये ठग लिए थे। पीड़ित को लंबे समय तक यही विश्वास दिलाया गया कि उनसे सीधे जज द्वारा रकम मांगी जा रही है। मामले में अपर जिला परिवहन पदाधिकारी (एडीटीओ) कुमार विवेक के आवेदन पर सदर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई खुद को पुलिस, कोर्ट, सीबीआई, ईडी या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर पैसे मांगता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। किसी भी स्थिति में डरकर पैसे ट्रांसफर न करें और मामले की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें।

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