बांग्लादेश अमेरिका के साथ एक सीक्रेट टैरिफ डील की तैयारी कर रहा है।यह समझौता 9 फरवरी को होने की संभावना है।
इस घटनाक्रम ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर इसलिए, क्योंकि डील की जानकारी सार्वजनिक नहीं है। साथ ही, यह समझौता चुनावों से ठीक पहले हो रहा है। दरअसल, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार इस डील पर काम कर रही है। हालांकि, समझौते का मसौदा अभी सामने नहीं आया है। इसके अलावा, दोनों देशों ने NDA पर हस्ताक्षर किए हैं। इस कारण, डील की शर्तें पूरी तरह गोपनीय हैं। इस बीच, बांग्लादेशी व्यापार जगत में बेचैनी बढ़ रही है।
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US टैरिफ डील से भारत पर संभावित असर
खासतौर पर, यह डील चुनाव से तीन दिन पहले हो रही है। इसी दौरान संसदीय चुनाव के लिए मतदान होना है। इसलिए, समय-सीमा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। व्यापार विशेषज्ञ पारदर्शिता की कमी पर चिंता जता रहे हैं। उनका मानना है कि फैसला जल्दबाज़ी में लिया जा रहा है। इससे पहले, भारत ने अमेरिका से ट्रेड डील की थी।उस डील के बाद भारत पर टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत हुआ। वहीं, बांग्लादेश पर टैरिफ पहले 37 प्रतिशत था। बाद में, इसे घटाकर 20 प्रतिशत किया गया। अब, टैरिफ 15 प्रतिशत होने की अटकलें हैं। ऐसा हुआ तो भारत को नुकसान हो सकता है। इस डील में अमेरिका ने कई शर्तें रखी हैं। मसलन, चीन से आयात घटाने की मांग है। साथ ही, अमेरिकी सैन्य उपकरण खरीदने की शर्त है। इसके अलावा, अमेरिकी मानकों को मानने की बात है। इसका मकसद अमेरिकी निर्यात बढ़ाना बताया जा रहा है।
इस बीच, बांग्लादेश में डील का विरोध शुरू हो गया है। व्यापार नेता इसके असर को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि अंतरिम सरकार को यह फैसला नहीं लेना चाहिए। BGMEA और DCCI ने भी आपत्ति जताई है।उनका मानना है कि फैसला चुनाव के बाद होना चाहिए था।
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