हाल ही में अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया था। इस कदम को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि कार्रवाई ड्रग्स तस्करी के खिलाफ है, हालांकि उस समय चर्चा का केंद्र वेनेजुएला का तेल ही रहा। दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल भंडार वाले वेनेजुएला में राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के बाद आम लोगों ने ट्रंप पर आरोप लगाया था कि अमेरिका की दिलचस्पी केवल उनके देश के तेल संसाधनों में है। कुछ दिनों बाद ट्रंप ने भी इस बात को स्वीकार किया था।
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तेल बिक्री की 100% आय अमेरिकी बैंक खातों में जमा होगी
इसके बाद अमेरिका ने वेनेजुएला के कच्चे तेल की बिक्री से होने वाली आय पर सख्त नियंत्रण लागू कर दिया। इस व्यवस्था के तहत तेल और उससे जुड़े उत्पादों की बिक्री से मिलने वाली 100 प्रतिशत कमाई अमेरिकी बैंक खातों में जमा की जाएगी। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि ये फंड पहले अमेरिका-नियंत्रित वैश्विक बैंकों के खातों में रखे जाएंगे और बाद में अमेरिकी सरकार के विवेक से अमेरिका और वेनेजुएला के लोगों के हित में खर्च किए जाएंगे।
गौरतलब है कि वेनेजुएला के पास 300 अरब बैरल से अधिक का कच्चा तेल भंडार है, जो दुनिया में सबसे बड़ा माना जाता है। यहां पाया जाने वाला तेल मुख्य रूप से भारी कच्चा तेल है, जिसे निकालना जटिल और महंगा है। इसके बावजूद वेनेजुएला दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा कच्चा तेल निर्यातक देश है। अमेरिकी एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (EIA) की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 में वेनेजुएला का वैश्विक कच्चे तेल उत्पादन में योगदान केवल 0.8 प्रतिशत रहा था।
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