अफगानिस्तान क्रिकेट के लिए बेहद दुखद खबर सामने आई है। टीम के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान का 7 जुलाई को लंबी बीमारी के बाद भारत में निधन हो गया। उन्होंने 38 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली और अपने 39वें जन्मदिन से एक दिन पहले दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन की पुष्टि अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सोशल मीडिया के माध्यम से की। बोर्ड ने शापूर जादरान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके क्रिकेट योगदान को हमेशा याद रखने की बात कही। उनके निधन से अफगानिस्तान क्रिकेट जगत और दुनियाभर के क्रिकेट प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई।
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लंबी बीमारी से जूझ रहे थे शापूर जादरान, भारत में चल रहा था इलाज
शापूर जादरान पिछले कई महीनों से गंभीर बीमारी ‘हीमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस (HLH)’ से जूझ रहे थे। यह इम्यून सिस्टम से जुड़ी एक दुर्लभ और गंभीर बीमारी मानी जाती है। इस बीमारी के कारण शरीर के कई महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह पिछले कुछ महीनों से दिल्ली-एनसीआर के एक अस्पताल में इलाज करा रहे थे। शुरुआत में उनकी सेहत में सुधार देखने को मिला था और उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी मिल गई थी। हालांकि, करीब 20 दिन बाद उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई और आखिरकार इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सोशल मीडिया पर शापूर जादरान को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। बोर्ड ने कहा कि जादरान का योगदान अफगानिस्तान क्रिकेट के इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा। उन्होंने शुरुआती दौर में टीम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपनी तेज और आक्रामक गेंदबाजी से उन्होंने कई मुकाबलों में टीम को जीत दिलाई। वह उन खिलाड़ियों में शामिल रहे जिन्होंने अफगानिस्तान को विश्व क्रिकेट में मजबूत पहचान दिलाने का रास्ता तैयार किया। उनके निधन को बोर्ड ने अफगानिस्तान क्रिकेट के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
वनडे और टी20 में अफगानिस्तान के लिए निभाई अहम भूमिका, क्रिकेट जगत में शोक की लहर
शापूर जादरान ने अफगानिस्तान के लिए 44 वनडे और 36 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। उन्होंने वनडे क्रिकेट में 43 विकेट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 37 विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 17 और लिस्ट-ए क्रिकेट में 56 विकेट हासिल किए। उनकी तेज गेंदबाजी और आक्रामक अंदाज विरोधी बल्लेबाजों के लिए हमेशा चुनौती साबित होता था। उन्होंने अफगानिस्तान को वनडे विश्व कप और टी20 विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया। उनके प्रदर्शन ने टीम को वैश्विक क्रिकेट में नई पहचान दिलाने में मदद की।
शापूर जादरान ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 10 मार्च 2019 को आयरलैंड के खिलाफ खेला था। यह मैच देहरादून में आयोजित पांच मैचों की श्रृंखला का हिस्सा था। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर होने के बाद भी वह अफगानिस्तान क्रिकेट से जुड़े रहे और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बने। उनके संघर्ष, समर्पण और उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेंगी। क्रिकेट जगत के कई खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। शापूर जादरान का नाम अफगानिस्तान क्रिकेट के इतिहास में हमेशा सम्मान और गर्व के साथ याद किया जाएगा।
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