भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को आईटी सेक्टर के निवेशकों को बड़ा झटका लगा। वैश्विक IT कंपनी एक्सेंचर की कमजोर गाइडेंस ने बाजार में चिंता बढ़ा दी। निवेशकों ने टेक्नोलॉजी सेक्टर के शेयरों में जमकर बिकवाली शुरू कर दी। इसके चलते बाजार खुलते ही कई प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयर टूट गए। पूरे सेक्टर में नकारात्मक माहौल देखने को मिला और निवेशकों की चिंता बढ़ी।
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एक्सेंचर की कमजोर गाइडेंस से IT शेयरों में बड़ी गिरावट
कंपनी ने कहा कि ग्राहक एआई में रुचि दिखा रहे हैं लेकिन खर्च नहीं बढ़ा रहे। एक्सेंचर ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने राजस्व वृद्धि अनुमान को घटाया। कई कंपनियां नए प्रोजेक्ट्स शुरू करने के बजाय मौजूदा बजट का पुनर्वितरण कर रही हैं। इस संकेत ने वैश्विक टेक्नोलॉजी मांग को लेकर बाजार की चिंताओं को बढ़ाया। निवेशकों ने इसे आईटी उद्योग के लिए कमजोर संकेत के रूप में देखा।
एक्सेंचर की घोषणा के बाद भारतीय आईटी शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। इंफोसिस के शेयर सबसे अधिक टूटे जबकि टीसीएस और विप्रो भी दबाव में रहे। टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक और अन्य बड़ी कंपनियों के शेयरों में भी बिकवाली हुई। मिडकैप आईटी कंपनियों के शेयरों ने भी भारी नुकसान दर्ज किया। निफ्टी आईटी इंडेक्स दिनभर दबाव में रहा और निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा।
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निवेशकों के डूबे ₹2 लाख करोड़, बाजार में बढ़ी बेचैनी
आईटी सेक्टर की इस गिरावट का असर पूरे शेयर बाजार पर दिखाई दिया। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब दो लाख करोड़ रुपये घटा। निवेशकों को आशंका है कि वैश्विक मांग में कमजोरी आगे भी बनी रह सकती। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले तिमाहियों में आईटी कंपनियों की आय प्रभावित हो सकती। इस कारण निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनानी शुरू कर दी।
हालांकि एक्सेंचर ने एआई प्रोजेक्ट्स की बढ़ती मांग को लेकर सकारात्मक संकेत भी दिए। कंपनी ने इस क्षेत्र में बड़े निवेश और अधिग्रहण की योजना की जानकारी दी। इसके बावजूद बाजार फिलहाल वास्तविक कमाई और नए ऑर्डर्स पर नजर रखेगा। ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता आईटी सेक्टर पर दबाव बनाए रखेगी। जब तक टेक्नोलॉजी खर्च नहीं बढ़ता तब तक निवेशकों की चिंता बनी रह सकती है।
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