एक तरफ कोहली के फॉर्म में वापस लौटने से दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमी खुश हैं, तो दूसरी ओर कुछ पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ियों को यह रास नहीं आया। वो लगातार कोहली के संन्यास लेने को लेकर बयान दे रहे हैं।
विस्तार:
भारत के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने एशिया कप के दौरान धमाकेदार शतक लगाकर शानदार वापसी की है। उन्होंने टूर्नामेंट में दो अर्धशतक भी लगाए और सबसे ज्यादा रन बनाने वालों में दूसरे स्थान पर रहे थे। एक तरफ उनके इस प्रदर्शन से दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमी खुश हैं, तो दूसरी ओर कुछ पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ियों को यह रास नहीं आया। वो लगातार कोहली के संन्यास लेने को लेकर बयान दे रहे हैं। सबसे पहले पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने कोहली को संन्यास लेने की सलाह दी थी। अब पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने अपनी राय रखी है।

कोहली के फॉर्म में वापस आने से टी20 वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया में नई ऊर्जा आई है। टूर्नामेंट की शुरुआत 16 अक्तूबर को होगी। भारत का पहला मैच पाकिस्तान से 23 अक्तूबर को होगा। उससे पहले शोएब अख्तर का मानना है कि कोहली टी20 वर्ल्ड कप के बाद क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट (टी20) से संन्यास ले सकते हैं।
अख्तर ने एक वेबसाइट से बातचीत में कहा, ”कोहली टी20 वर्ल्ड कप के बाद संन्यास ले सकते हैं। वह अन्य प्रारूपों में ज्यादा समय तक खेलने के लिए ऐसा कर सकता है। अगर मैं उनकी जगह होता तो यह निर्णय लेता।” कोहली भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में 100-100 मैच खेलने वाले पहले खिलाड़ी हैं। उन्होंने 104 अंतरराष्ट्रीय टी20 में 51.94 की औसत से 3584 रन बनाए हैं।
अफरीदी ने कोहली को लेकर क्या कहा था?
अख्तर से पहले शाहिद अफरीदी ने विराट को सलाह दी थी कि टीम से बाहर होने या सवाल किए जाने से बेहतर है कि करियर के चरम पर रहकर ही संन्यास लें। अफरीदी ने कहा था कि जब एशिया के क्रिकेटरों की बात आती है तो विराट को समय की बेहतर समझ होती है और शायद वह खेल को अपने चरम पर छोड़ देंगे। उन्होंने एक पाकिस्तानी चैनल पर बातचीत के दौरान कहा था “विराट ने जिस तरह से खेला है, अपने करियर की जो शुरुआत की है, शुरुआत में वह खुद के लिए नाम बनाने से पहले संघर्ष कर रहा था। वह एक चैंपियन है और मेरा मानना है कि एक समय ऐसा आता है जब आप संन्यास की ओर बढ़ रहे होते हैं। लेकिन उसमें उद्देश्य अपने तरम पर रहकर संन्यास लेने का होना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा था “आपको उस स्तर तक नहीं पहुंचना चाहिए जहां आपको टीम से हटा दिया जाता है। इसके बजाय जब आप अपने चरम पर होते हैं, तब आपको संन्यास लेना चाहिए। हालांकि ऐसा शायद ही कभी होता है। बहुत कम खिलाड़ी, विशेष रूप से एशिया के क्रिकेटर ऐसा निर्णय लेते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि जब विराट ऐसा करते हैं, वह इसे स्टाइल में करेंगे और संभवत: उसी तरह से करेंगे जैसे उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी।”
अफरीदी ने खुद तीन बार संन्यास लिया था:
अफरीदी ने अपने करियर में कई बार संन्यास लिया था। उनका पहला टेस्ट संन्यास 2006 में आया था, जिसे कुछ ही हफ्तों में वापस ले लिया गया था। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक टेस्ट में पाकिस्तान की कप्तानी करने के बाद 2010 में फिर से टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया।

2011 विश्व कप में पाकिस्तान की कप्तानी करने वाले अफरीदी ने विश्व आयोजन के बाद खेल के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की, लेकिन बोर्ड के आग्रह पर इसे फिर से वापस ले लिया। उन्होंने 2015 के एकदिवसीय विश्व कप में टीम का नेतृत्व किया और अंत में 2017 में खेल के सभी प्रारूपों को छोड़ने का फैसला किया।


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