रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिदिन 6000 लोग हेपेटाइटिस से संक्रमित हो रहे हैं। विश्वास किया जा रहा है कि 2019 में हेपेटाइटिस से होने वाली मौतों की संख्या 11 लाख से बढ़कर 2022 में 13 लाख हो गई है। इनमें से 83% मौतें हेपेटाइटिस बी के कारण और 17% मौतें हेपेटाइटिस सी के कारण हुईं।
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विश्व हेपेटाइटिस रिपोर्ट 2024: हेपेटाइटिस रोकथाम में गंभीरता की आवश्यकता
हेपेटाइटिस संक्रमण के बढ़ते मामलों के संदर्भ में ‘विश्व हेपेटाइटिस रिपोर्ट 2024’ में चौंकाने वाला दावा किया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, हर दिन 6000 लोग हेपेटाइटिस से संक्रमित हो रहे हैं, और इससे होने वाली मौतों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। यह बीमारी अब विश्व स्तर पर संक्रामक बीमारियों से होने वाली मौतों का दूसरा प्रमुख कारण बन गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ने इसे चिंताजनक तस्वीर पेश करते हुए कहा है कि हेपेटाइटिस संक्रमण को रोकने में विश्व स्तर पर प्रगति हो रही है, लेकिन मौतों की संख्या में वृद्धि के पीछे इसकी निदान और उपचार की कमी एक महत्वपूर्ण कारण है।
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गणना और उपचार: हेपेटाइटिस संक्रमण की चुनौतियों का सामना
डब्ल्यूएचओ के नवीनतम अनुमान के अनुसार, 2022 में 25.4 करोड़ लोग हेपेटाइटिस बी और 5 करोड़ लोग हेपेटाइटिस सी के साथ जी रहे थे। इनमें से अधिकांश संक्रमित व्यक्तियों की आयु 30 और 54 के बीच है, और इसमें 12 प्रतिशत बच्चे शामिल हैं। सभी मामलों में, 58 प्रतिशत पीड़ित पुरुष हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, तीव्र हेपेटाइटिस बी संक्रमण के मामलों में से केवल 13 प्रतिशत लोगों को उचित निदान मिला, और केवल तीन प्रतिशत को अंतिम चरण के इलाज के लिए उपचार दिया गया था। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में, वायरल हेपेटाइटिस से निपटने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य दृष्टिकोण बढ़ाने हेतु कार्रवाई की रूपरेखा दी गई है, जिससे 2030 तक महामारी को खत्म करने की दिशा में तेजी लाई जा सके।


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