यह टास्क फोर्स जांच सुविधाओं के विस्तार से लेकर वैक्सीन तैयार करने तक में सरकार को दिशा-निर्देश देगा। फिलहाल भारत में अभी तक कुल 4 संक्रमित सामने आ चुके हैं।

मंकीपॉक्स (Monkeypox), वायरस के कारण होने वाला एक संक्रामक रोग है जो मनुष्यों और कुछ जानवरों में हो सकता है (Monkeypox Viral Disease). इसके लक्षण बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, सूजी हुई लिम्फ नोड्स और थकान महसूस करने के साथ शुरू होते हैं. इसके बाद एक चकत्ता होता है जिसके ऊपर फफोले और पपड़ी बनता है. इस बिमारी के लक्षणों का पता लगभग 10 दिनों में चलता है (Monkeypox Symptoms).
मंकीपॉक्स, किसी जानवर के काटने या खरोंच, शरीर के तरल पदार्थ, दूषित वस्तुओं या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से फैल सकता है. वायरस के डीएनए के लिए एक घाव का परीक्षण करके निदान की पुष्टि की जाती है (Monkeypox Diagnosis). यह रोग चिकनपॉक्स के समान दिखाई देता है.
नई दिल्ली:
केरल, दिल्ली के बाद अब उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों ने भी मंकीपॉक्स (Monkeypox) को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) के निर्देश पर कई राज्य सरकारों (State Governments) ने अलर्ट जारी किया है. बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने मंगलवार को ही सभी जिलों के सिविल सर्जन एवं मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के साथ वर्चुअल बैठक कर मंकीपॉक्स को लेकर आवश्यक निर्देश दिए हैं. अगर किसी मरीज में मंकीपॉक्स के लक्षण दिखाई देते हैं तो उसके आधार पर तुरंत ही इलाज शुरू कर दिया जाएगा. इसके साथ ही मंकीपॉक्स संक्रमितों के संपर्क में आने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को सप्ताहभर से अधिक छुट्टी लेने की जरूरत नहीं है.

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