महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को कहा कि भगवान विठ्ठल के भक्त वारकरियों को ‘आषाढ़ी एकादशी’ जुलूस के दौरान बीमा कवर मिलेगा, जो मंदिरों के शहर पंढरपुर में खत्म होगा। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक बयान में कहा गया है कि बीमा कवर 30 दिनों के लिए वैध होगा।
विभिन्न संतों को श्रद्धांजलि के निशान के रूप में वारकरी हर साल राज्य के विभिन्न हिस्सों से जुलूसों में भाग लेते हैं।
तीर्थयात्रा सोलापुर जिले के पंढरपुर शहर में आषाढ़ी एकादशी पर समाप्त होती है, जिसे महाराष्ट्र में भगवान विठ्ठल के अनुयायी श्रद्धा के साथ मनाते हैं।
परिजनों को मिलेंगे पांच लाख रुपये
इस साल आषाढ़ी एकादशी 29 जून को है। सीएमओ के बयान के अनुसार, वारकरी के पंढरपुर में ‘वारी’ (जुलूस) के दौरान उसकी मृत्यु होने पर उसके परिजनों को पांच लाख रुपये मिलेंगे।
जुलूस के दौरान स्थायी रूप से विकलांग होने पर वारकरी को एक लाख रुपये और आंशिक रूप से विकलांग होने पर 50 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। विज्ञप्ति में कहा गया है कि अगर कोई वारकरी बीमार पड़ता है तो उसे दवा के लिए 35 हजार रुपये मिलेंगे।
लंबे समय से चली आ रही परंपरा के अनुसार, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हर साल ‘आषाढ़ी एकादशी’ पर पंढरपुर में भगवान विठ्ठल को समर्पित मंदिर में पूजा करते हैं।


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