नाक का बंद होना एक आम समस्या है, जिससे अधिकतर लोग परेशान रहते हैं। ऐसी ही शारीरिक दशा को साइनस या साइनोसाइटिस कहा जाता है। क्यों होता है ऐसा और इससे कैसे करें बचाव। जानेंगे यहां।
क्या है मर्ज
इस समस्या के असली कारण को जानने से पहले यह समझना बहुत जरूरी है कि आखिर यह मर्ज क्या है? दरअसल सिर के स्कैल्प की हड्डियों में असंख्य बारीक छिद्र होते हैं, जिनके माध्यम से ब्रेन तक ऑक्सीजन पहुंचती है। आमतौर पर सर्दी-जुकाम की समस्या को ठीक होने में कम से कम तीन-चार दिन लग जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों को जुकाम बहुत कम होता है या एक-दो दिनों के अंदर ही रनिंग नोज की समस्या दूर हो जाती है। ऐसे में नाक से गंदगी बाहर नहीं निकल पाती और धीरे-धीरे यही कफ के रूप में साइनस की वजह बन जाता है। इसलिए सर्दी-जुकाम की शुरुआत होते ही उसे दावा से रोकने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अन्यथा इससे साइनस हो सकता है।
क्या है वजह
कुछ लोगों में नाक की हड्डी का आकार अपने आप बढ़ जाता है, जिससे यह समस्या हो सकती है।
बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
अपने घर में कार्पेट, डोरमैट, गद्दे और तकिए आदि की नियमित सफाई करें क्योंकि इनमें जमा होने वाले धूलकण से एलर्जी हो सकती है। अगर एसी वाले कमरे से निकलकर तेज धूप में जाना हो तो बाहर निकलने के आधे घंटे पहले एसी ऑफ कर दें, वरना तापमान में अचानक आने वाले तेज बदलाव से भी साइनस की समस्या हो सकती है। श्वेत रक्त कोशिकाएं बीमारियों से लड़ने का काम करती हैं, लेकिन तनाव की स्थिति में इनकी संख्या घटने लगती है। इसलिए हर हाल में खुश रहने की कोशिश करें।


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