कैंसर के इलाज में अब पारंपरिक तरीकों के साथ इम्यूनोथेरेपी एक नई उम्मीद बनकर उभर रही है। पहले जहां कीमोथेरेपी और सर्जरी मुख्य इलाज माने जाते थे, वहीं अब वैज्ञानिक शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत कर कैंसर से लड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। करीब सौ साल के शोध के बाद इम्यूनोथेरेपी अब वास्तविक परिणाम दे रही है और कई मरीजों की जान बचा रही है।
इस थेरेपी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह शरीर के इम्यून सिस्टम को सक्रिय बनाती है, ताकि वह कैंसर कोशिकाओं को पहचानकर उन्हें नष्ट कर सके। सामान्य तौर पर कैंसर कोशिकाएं खुद को स्वस्थ कोशिकाओं जैसा दिखाकर इम्यून सिस्टम से बच निकलती हैं। लेकिन इम्यूनोथेरेपी इन कोशिकाओं को उजागर करती है और शरीर की रक्षा प्रणाली को मजबूत बनाती है। अमेरिका की शोधकर्ता Jennifer Wargo के अनुसार, इस तकनीक से मरीज न केवल जीवित रह रहे हैं बल्कि बेहतर जीवन जी पा रहे हैं।
इम्यूनोथेरेपी कैंसर इलाज में कैसे बदल रही है तस्वीर, जानिए इसकी सफलता और चुनौतियां
Also Read: आशा भोसले ने लता मंगेशकर से मुकाबले और पसंदीदा गायक पर बात की
इम्यूनोथेरेपी के दो प्रमुख प्रकार हैं—सीएआर टी-सेल थेरेपी और इम्यून चेकपॉइंट इनहिबिटर्स। सीएआर टी-सेल थेरेपी में डॉक्टर मरीज के शरीर से टी-सेल निकालते हैं और उन्हें लैब में मजबूत बनाकर वापस शरीर में डालते हैं। वहीं चेकपॉइंट इनहिबिटर्स इम्यून सिस्टम के “ऑफ स्विच” को बंद कर देते हैं, जिससे टी-सेल कैंसर कोशिकाओं पर हमला कर पाते हैं। इस तकनीक के विकास के लिए वैज्ञानिकों को 2018 में नोबेल पुरस्कार भी मिला था।
हालांकि, इस इलाज की अपनी सीमाएं भी हैं। यह थेरेपी अभी सभी प्रकार के कैंसर पर समान रूप से प्रभावी नहीं है, खासकर ठोस ट्यूमर पर। इसके अलावा, यह इलाज काफी महंगा है और इसके लिए उन्नत संसाधनों की आवश्यकता होती है। फिर भी, लगातार हो रहे शोध से उम्मीद बढ़ रही है कि भविष्य में यह कैंसर के इलाज का प्रमुख तरीका बन सकता है। एक उदाहरण में, 71 वर्षीय महिला का ट्यूमर सिर्फ चार महीने में खत्म हो गया, बिना सर्जरी या कीमोथेरेपी के। ऐसे मामलों ने चिकित्सा जगत में नई उम्मीद जगाई है।


More Stories
Spain Beats France to Reach FIFA World Cup Final, Oyarzabal and Porro Score
EV Battery Suspected Behind Noida Building Fire; 2 Dead, 50 Families Rescued Safely
सेमीकंडक्टर सेक्टर को ऐतिहासिक बढ़ावा, सरकार ने 1.27 लाख करोड़ रुपये के बजट का किया ऐलान