March 6, 2026

Central Times

Most Trusted News on the go

रमज़ान

रमज़ान में रोज़ा खजूर से ही क्यों खोलते हैं? जानिए वजह

दुनिया भर के करोड़ों मुसलमान रमज़ान के दौरान हर दिन सूर्यास्त के समय खजूर खाकर रोज़ा खोलते हैं। पूरे महीने वे सुबह से शाम तक खाने-पीने से परहेज़ करते हैं और इबादत व आत्मचिंतन में समय बिताते हैं। रोज़ा इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक अहम स्तंभ है। पैगंबर मोहम्मद ने रोज़ा खजूर से खोलने की सलाह दी थी। कुरान में भी कई स्थानों पर खजूर का उल्लेख मिलता है, जिससे इसकी धार्मिक अहमियत और बढ़ जाती है।

खजूर केवल धार्मिक परंपरा का हिस्सा नहीं है, बल्कि सेहत के लिहाज़ से भी बेहद फायदेमंद है। लंबे समय तक भूखे रहने के बाद शरीर को तुरंत ऊर्जा की ज़रूरत होती है। खजूर में मौजूद प्राकृतिक शक्कर खून में ग्लूकोज़ का स्तर तेजी से बढ़ाती है। इससे शरीर को तुरंत ताकत मिलती है और थकान कम होती है। इसलिए विशेषज्ञ रोज़ा खोलने के लिए इसे एक आदर्श फल मानते हैं।

डाइटीशियन शहनाज़ बशीर बताती हैं कि खजूर में साधारण शक्कर और जटिल कार्बोहाइड्रेट दोनों पाए जाते हैं। यह संयोजन शरीर को तुरंत और धीरे-धीरे मिलने वाली ऊर्जा का संतुलन देता है। खजूर में विटामिन बी6, ए और के के साथ आयरन भी भरपूर मात्रा में होता है। ये पोषक तत्व शरीर को जल्दी रिकवर करने में मदद करते हैं। सूखा फल होने के बावजूद खजूर शरीर को हाइड्रेट रखने में भी सहायक होता है।

Read Also: पेपर लैमिनेशन फैक्ट्री में भीषण आग, 20 एलपीजी सिलेंडर फटे

रमज़ान: धार्मिक परंपरा के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद है खजूर

खजूर में प्राकृतिक पोटैशियम मौजूद रहता है, जो इलेक्ट्रोलाइट की तरह काम करता है। यह शरीर की कोशिकाओं में पानी बनाए रखने में मदद करता है। कई लोग रोज़ा खोलते समय खजूर के साथ पानी भी लेते हैं, जिससे ऊर्जा और हाइड्रेशन दोनों मिलते हैं। इससे अतिरिक्त इलेक्ट्रोलाइट की ज़रूरत अक्सर नहीं पड़ती। यह संयोजन शरीर को संतुलित तरीके से भोजन के लिए तैयार करता है।

रमज़ान में कई लोगों को कब्ज़ या पेट फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खजूर में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को सक्रिय करने में मदद करता है। यह मल को आसानी से आंतों से गुज़रने में सहायक होता है। विशेषज्ञ रोज़ाना पर्याप्त फाइबर लेने की सलाह देते हैं, और खजूर इस ज़रूरत को पूरा करने का आसान तरीका है। अगर किसी को खजूर सीधे खाना पसंद न हो, तो वे इसे दूध, दही या स्मूदी में मिलाकर भी ल सकते हैं।

Read Also: 10 रुपये से कम का शेयर बना रॉकेट, 2 दिन में 44% उछाल