पंजाब विधानसभा के वर्तमान सत्र में अंतरराष्ट्रीय हालात और उनके राज्य की कृषि व्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर चर्चा हुई। सत्र के दौरान विधायकों ने ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को लेकर निंदा प्रस्ताव पेश किया। चर्चा में सदस्यों ने आशंका जताई कि वैश्विक परिस्थितियों का असर राज्य की आगामी गेहूं खरीद प्रक्रिया पर पड़ सकता है।
विधायकों ने पंजाब सरकार से जल्द समाधान की अपील की
विधानसभा में बताया गया कि अगले महीने से पंजाब में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होगी, जिसके लिए बड़ी मात्रा में जूट के बैग की जरूरत होती है। इन बैगों में अनाज भरकर भंडारण किया जाता है। हालांकि इस बार जूट बैग की कमी को लेकर गंभीर चिंता सामने आई है। सदस्यों ने कहा कि सामान्यतः बांग्लादेश से जूट बैग की आपूर्ति होती है, लेकिन वर्तमान में दोनों देशों के रिश्तों में तनाव के कारण वहां से पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे खरीद व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
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चर्चा के दौरान विधायकों ने यह भी कहा कि ईरान-अमेरिका टकराव जैसी अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का अप्रत्यक्ष असर इस स्थिति पर पड़ सकता है। यदि प्लास्टिक बैग को विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाए तो भी चुनौतियां सामने आ सकती हैं। प्लास्टिक दाना पेट्रोलियम उत्पादों से बनता है और वैश्विक तनाव के कारण पेट्रोलियम की आपूर्ति या कीमतों में बदलाव से प्लास्टिक बैग की उपलब्धता भी प्रभावित हो सकती है।
विधानसभा में सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं निकाला गया तो अगले महीने शुरू होने वाली गेहूं खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और मंडियों में अनाज के उठान में भी देरी हो सकती है। सदस्यों ने राज्य और केंद्र सरकार से समन्वय कर जल्द समाधान खोजने की अपील की है, ताकि खरीद व्यवस्था सुचारु बनी रहे और मंडियों में अव्यवस्था न फैले।


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