डीआईजी के निर्देश पर शामली में कुछ दुकानदारों ने अपने नाम के पर्चे लगाए, लेकिन रेट लिस्ट नहीं लगाई। कुछ समय बाद दुकानदारों ने ये पर्चे हटा लिए। एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। कांवड़ मार्ग पर खाद्य पदार्थों की दुकानों, ठेलों और होटलों पर सामान की रेट लिस्ट के साथ मालिक का नाम भी लिखा जाएगा। सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी मिलते ही शामली में कुछ रेहड़ी-ठेले वालों ने अपने नाम के पर्चे लगाए, लेकिन रेट लिस्ट नहीं लगाई थी। हालांकि, कुछ देर बाद नाम लिखे पर्चे भी हटा दिए गए। एसपी ने इस संबंध में सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया है।
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कांवड़ मेले की तैयारी पुलिस-प्रशासन द्वारा चल रही है। इसी क्रम में सहारनपुर रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक अजय साहनी के आदेश पर शामली में पुलिस अधीक्षक रामसेवक गौतम ने होटल और ढाबा संचालकों और अन्य विक्रेताओं को खाद्य सामग्री की रेट लिस्ट के साथ अपना नाम अंकित करने के निर्देश जारी किए हैं।
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ठेलों और दुकानों पर नाम लिखने के आदेश पर सपा का विरोध
ठेलों और दुकानों पर नाम लिखने के आदेश पर सपा ने विरोध जताया। सपा के कैराना लोकसभा प्रभारी प्रोफेसर सुधीर पंवार ने कहा कि सदियों से चल रही कांवड़ यात्रा में कभी हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा नहीं रहा। कांवड़ियों के रास्ते में पड़ने वाले सभी गांवों और शहरों में हिंदू-मुस्लिम शिविर लगाकर उनकी सेवा करते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी कांवड़ यात्रा का राजनीतिकरण कर रही है, कभी व्यवस्था के नाम पर तो कभी पुष्प वर्षा के नाम पर। लेकिन प्रशासनिक अधिकारी का दुकानों और ठेलों पर नाम लिखने का आदेश संविधान का खुला उल्लंघन है। संविधान में व्यवस्था है कि राज्य धर्म और जाति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करेगा। समाजवादी पार्टी संविधान का उल्लंघन करने वाले इस आदेश का विरोध करती है और इसे वापस लेने की मांग करती है।
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डीआईजी अजय साहनी का कहना है कि कोई आदेश रद्द नहीं हुआ है। कांवड़ मार्गों पर पड़ने वाले होटलों और ढाबों आदि पर रेट लिस्ट के साथ मालिक का नाम लिखा होना अनिवार्य है, ताकि मालिक की स्पष्ट पहचान हो और कोई विवाद की स्थिति न बने।
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