सुप्रीम कोर्ट की अनुमति और शर्तें। इस बार दिल्ली में दिवाली 2025 पर केवल ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने यह अनुमति परीक्षण के आधार पर कुछ शर्तों के साथ प्रदान की है। दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों की बिक्री और फोड़ने की छूट सशर्त दी गई है। पर्यावरण निगरानी और तय दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना सभी के लिए अनिवार्य होगा। दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियां सुनिश्चित करेंगी कि नियमों का उल्लंघन न हो। पुलिस टीमें गश्त कर यह सुनिश्चित करेंगी कि केवल अनुमोदित पटाखे ही जलें। नीरी और पीईएसओ द्वारा प्रमाणित ग्रीन पटाखों के उपयोग की ही अनुमति है। हर पटाखे पर यूनिक क्यूआर कोड होना अनिवार्य और ज़रूरी होगा।
2025 बिक्री और समयसीमा के नयम
दिल्ली पुलिस को निर्देश मिला है कि वह दो दिन में लाइसेंस जारी करे। बिक्री के बाद, बिना बिके स्टॉक को वापस या नष्ट करना आवश्यक होगा। ग्रीन पटाखों की बिक्री 18 से 20 अक्टूबर तक ही सीमित रखी गई है। पटाखे जलाने का समय सुबह 6–7 और रात 8–10 बजे निर्धारित किया गया। केवल नीरी द्वारा प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री, खरीद और उपयोग की अनुमति है। ऐसे पटाखे पारंपरिक पटाखों की तुलना में 30% कम प्रदूषण करते हैं। केवल लाइसेंस प्राप्त व्यापारी ही पटाखों को कानूनी रूप से बेच सकते हैं। बेरियम, लड़ी और पारंपरिक पटाखों के इस्तेमाल पर पूर्ण रूप से रोक लगाई गई। क्यूआर कोड नहीं होने वाले पटाखों को ज़ब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निर्धारित समय के बाहर पटाखे चलाना सख्त रूप से प्रतिबंधित रहेगा। बिना लाइसेंस पटाखे बेचने वालों के लाइसेंस निलंबित किए जाएंगे। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से पटाखे मंगवाने की अनुमति नहीं दी गई है।दिल्ली, हरियाणा, यूपी और राजस्थान में संयुक्त टीमें निगरानी करेंगी। पीईएसओ के अधिकारी औचक निरीक्षण और नमूना परीक्षण नियमित रूप से करेंगे। रिहायशी और बाजार क्षेत्रों में टीमों की विशेष तैनाती की जाएगी। किसी भी उल्लंघन पर अवैध स्टॉक ज़ब्त किया जाएगा और जुर्माना लगाया जाएगा। दिल्ली सरकार ने सख्त कार्रवाई के लिए उच्च स्तरीय बैठकें की हैं।
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