प्रयागराज से काशी विश्वनाथ तक महाशिवरात्रि के पहले शिव मंदिरों में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। महाकुंभ में उमड़ने वाली भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बुधवार को अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसके साथ ही, 12 ज्योतिर्लिंगों और प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। देशभर में महाशिवरात्रि का पर्व बुधवार को धूमधाम से मनाया जाएगा और उत्तर प्रदेश में इस अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से मजबूत किया गया है।
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महाशिवरात्रि के दिन ही महाकुंभ का समापन होगा. इसे देखते हुए महाकुंभ में भीड़ से निपटने और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता है. इसे लेकर बुधवार को अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक हुई. साथ ही 12 ज्योतिर्लिंगों और बड़े शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की गई है. प्रयागराज के डीएम रविंद्र कुमार मांदड ने बताया कि महाशिवरात्रि पर अंतिम स्नान है. यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को सकुशल स्नान सुनिश्चित कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. उन्होंने बताया कि श्रद्धालु हवाई मार्ग, रेलवे और निजी वाहन से यहां पहुंच रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश पर सभी तैयारियों को पूरा कर लिया गया है. यहां पर पार्किंग व्यवस्था को एक्टिव किया गया है.
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महाशिवरात्रि पर सुरक्षा और स्वच्छता के कड़े इंतजाम
ट्रैफिक डायवर्जन स्कीम लागू रहेगी. ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए सभी अधिकारी ड्यूटी पर रहेंगे. महाशिवरात्रि पर संगम तट के अलावा शिव मंदिरों में भी भारी भीड़ रहेगी. श्रद्धालु सकुशल मंदिरों में पूजा-अर्चना कर सके, इसके लिए पूरी व्यवस्था कर दी गई है. उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, “महाशिवरात्रि पर पूरे प्रदेश में स्वच्छता के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी चुस्त-दुरुस्त करने का पूरा इंतजाम किया गया है. उन सभी परिसरों को पूरी तरह स्वच्छ करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां महाशिवरात्रि का पवित्र पर्व बाबा भोलेनाथ के सम्मान में धूमधाम से मनाया जाएगा.
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प्रदेश के दूसरे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “महाशिवरात्रि और महाकुंभ, दोनों एक-दूसरे के पूरक बन गए हैं. प्रयागराज के रास्ते पर श्रद्धालुओं का महासागर उमड़ रहा है. सरकार की ओर से विशेष ध्यान दिया गया है ताकि आवागमन में किसी को असुविधा न हो, आस्था की डुबकी लगाने में कोई परेशानी न आए, और खासकर बुजुर्गों को घाटों तक पहुंचने में कोई दिक्कत न हो. इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए, महाशिवरात्रि के अवसर पर 2025 का यह आखिरी अमृत स्नान, जो बेहद महत्वपूर्ण है, इसे सफलतापूर्वक संपन्न कराना सरकार का दृढ़ संकल्प है. मुझे पूरा विश्वास है कि बाबा भोलेनाथ की कृपा से सब कुछ शुभ होगा.
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