पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। प्रशासन के अनुसार, गुरुवार 25 जून 2026 को विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के कारण मंदिर में आम दर्शन व्यवस्था कुछ समय के लिए बंद रहेगी। इस दौरान मंदिर में पारंपरिक रस्मों का आयोजन किया जाएगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए पुरी पहुंचते हैं, इसलिए प्रशासन ने पहले ही इसकी जानकारी सार्वजनिक कर दी है। इससे भक्त अपनी यात्रा की योजना बेहतर तरीके से बना सकेंगे।
रुक्मिणी हरण उत्सव के चलते 5 घंटे बंद रहेंगे जगन्नाथ मंदिर के कपाट
मंदिर में ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी के अवसर पर रुक्मिणी हरण एवं विवाह उत्सव नीति का आयोजन किया जाएगा। यह श्री जगन्नाथ मंदिर की सबसे प्राचीन और महत्वपूर्ण धार्मिक परंपराओं में से एक मानी जाती है। इस विशेष अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण और देवी रुक्मिणी के दिव्य विवाह से जुड़ी रस्में संपन्न की जाती हैं। श्रद्धालु इस आयोजन को अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ देखते हैं। हर वर्ष यह उत्सव धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बनता है।
उत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण द्वारा राजकुमारी रुक्मिणी के हरण और उनके विवाह की पौराणिक कथा को धार्मिक विधि-विधान के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। मंदिर के पुजारी और सेवायत सभी रस्मों को परंपरागत तरीके से पूरा करेंगे। प्रशासन इस आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की तैयारी कर चुका है। धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान मंदिर परिसर में विशेष व्यवस्थाएं भी लागू रहेंगी। इससे आयोजन की पवित्रता और गरिमा बनी रहेगी।
विशेष धार्मिक अनुष्ठान के कारण आज 5 घंटे नहीं होंगे जगन्नाथ मंदिर में दर्शन
मंदिर प्रशासन के अनुसार, प्रथम भोग मंडप की पूजा समाप्त होने के बाद दोपहर 1 बजे से शाम 6 बजे तक आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन बंद रहेंगे। इस अवधि में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन नहीं हो सकेंगे। प्रशासन ने भक्तों से अनुरोध किया है कि वे सुबह के समय दर्शन कर लें। इससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। प्रशासन लगातार श्रद्धालुओं को समय संबंधी जानकारी उपलब्ध करा रहा है।
रुक्मिणी हरण एवं विवाह उत्सव का धार्मिक महत्व बहुत अधिक माना जाता है और हर साल इसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते हैं। इस बार भी मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इसी कारण प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था में अस्थायी बदलाव लागू किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय मंदिर की परंपराओं और धार्मिक मर्यादाओं को बनाए रखने के लिए लिया गया है। प्रशासन ने भक्तों से सहयोग करने और निर्धारित समय के अनुसार दर्शन की योजना बनाने की अपील की है।


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