देश के कई हिस्सों में भले ही जोरदार बारिश हो रही है लेकिन उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लोग बारिश की बूंद के लिए तरस रहे हैं और बादल हैं कि यहां बरसने को राजी नहीं है.आपने कई बार बारिश के लिए मेंढक-मेंढकी की शादी के बारे में तो सुना ही होगा. लेकिन इसका एक नजारा गोरखपुर में देखने को मिला जहां बारिश नहीं होने से परेशान लोगों ने मेंढक की शादी करवाई ताकि इंद्र देवता खुश हो जाएं और यहां बारिश हो जाए.
बारिश के लिए मेंढक की शादी
गोरखपुर की रेती रोड स्थित कालीबाड़ी मंदिर में प्राचीन परंपराओं और मान्यताओं को मानते हुए हिंदू धर्म में विश्वास रखने वाले लोगों ने इस अनोखी शादी को कराया और इसमें सम्मिलित भी हुए. इस दौरान लोगों ने मंगल गीत भी गाए गए. यहां पर मेंढक और मेंढकी को दूल्हा-दुल्हन की तरह सजाया गया. जिसके बाद उन्हें सिंदूर लगाकर और माला पहनाकर उनका विवाह पूर्ण किया गया. देश के कई हिस्सों में अक्सर बारिश नहीं होने की वजह से इस तरह के टोटके किए जाते रहे हैं. कहीं कोई खेत में हल चलाकर इंद्र देवता को खुश करता है तो कई हवन और यज्ञ के जरिए.
बारिश के लिए तरस रहे हैं लोग
महाराष्ट्र, केरल, मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है. लेकिन यूपी और बिहार में बारिश नहीं होने से जहां आम आदमी भीषण गर्मी से परेशान हैं, तो वहीं सूखे की मार झेल रहे किसान भी आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं. ऐसे में विश्व हिंदू महासभा के जिला प्रभारी राधाकांत वर्मा के नेतृत्व में लोगों ने मेंढक-मेंढकी की शादी करा कर पानी बरसाने के लिए टोटका किया.
इंद्र देवता को खुश करने के लिए कराई शादी
इस अवसर पर विश्व हिंदू महासभा के जिला प्रभारी राधाकांत वर्मा ने कहा कि प्राचीन परंपराओं में हिंदू धर्म में यह मान्यता है कि जब बारिश नहीं होती है, तो मेंढक-मेंढकी की शादी कराई जाती है. जिससे इंद्र देवता खुश हो कर बारिश कर दें. बारिश नहीं होने और भीषण गर्मी से जहां आम आदमी त्रस्त हैं, तो वहीं खेतों में धान की फसल सूखने से किसानों में भी हाहाकार मचा हुआ है. उन्होंने कहा कि यही वजह है कि रेती रोड स्थित कालीबाड़ी मंदिर में उन लोगों ने मेंढक मेंढकी की शादी करा कर इंद्र देवता को खुश करने की कोशिश की है, जिससे कि बारिश हो और सभी लोगों को राहत मिले.
राधाकांत वर्मा और उनकी पत्नी रेखा देवी वर्मा ने मिलकर मेंढक- मेंढ़की का शादी करवाई. उन्हें पूरी उम्मीद है कि इसके बाद बारिश होगी और इंद्र देवता खुश होकर उनकी मुराद पूरी करेंगे.


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