दुनियाभर में सोशल मीडिया पर इस वक्त एक ट्रेंड चल रहा है, जिसमें घिबली आर्ट हर प्रोफाइल पर दिख रहा है। एक्स, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लोग एआई का इस्तेमाल करके अपनी और सेलिब्रिटीज की कार्टून जैसी तस्वीरें बना रहे हैं और इन्हें साझा कर रहे हैं। इस ट्रेंड के बीच, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बढ़ती पहुंच और इसके संभावित खतरों को लेकर भी चर्चा हो रही है। दरअसल, जापान के कॉमिक्स और कार्टून शो में उपयोग होने वाली घिबली आर्ट को पहले बनाने में कई दिन या महीने लगते थे, लेकिन अब एआई ने इसे कुछ ही सेकंड्स या मिनट्स में तैयार करना शुरू कर दिया है।
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चैटजीपीटी का घिबली स्टाइल इमेज जेनरेशन फीचर एआई द्वारा मियाजाकी जैसी तस्वीरें वायरल
बीते मंगलवार को चैटजीपीटी ने अपना बिल्ट-इन इमेज जेनरेशन फीचर लॉन्च किया। ओपनएआई के GPT-4o टूल ने एआई चैटबॉट को घिबली स्टाइल में तस्वीरें बनाने की क्षमता से जोड़ दिया। इसके परिणामस्वरूप, एआई ने ऐसी तस्वीरें बनानी शुरू कीं जो जापानी एनिमेटर हयाओ मियाजाकी की हाथ से बनाई गई आर्ट जैसी दिखती थीं। इसके बाद, बुधवार तक घिबली स्टाइल की ये इमेजेज पूरी दुनिया में वायरल हो गईं। दिलचस्प बात यह है कि चैटजीपीटी का यह फीचर, जो यूजर्स के निर्देशों के आधार पर घिबली स्टाइल में तस्वीरें तैयार करता है, इसे बाकी चैटबॉट्स से अलग करता है। जबकि मेटा एआई और एक्स का ग्रोक अभी तक मियाजाकी की तस्वीरों जैसी डिटेल्स नहीं ला पाए हैं, चैटजीपीटी का यह स्पेशल फीचर तेजी से वायरल हो रहा है।
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घिबली आर्ट की वायरल पॉपुलैरिटी सोशल मीडिया पर हर किसी का घिबली वर्शन
घिबली आर्ट की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सोशल मीडिया पर बॉलीवुड फिल्मों, सेलिब्रिटीज, लोगों की प्रोफाइल पिक्चर्स, निजी यादों से लेकर खेल के दृश्यों तक, सब कुछ घिबली स्टाइल में बदल चुका है। 2024 के पेरिस ओलंपिक से लेकर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क तक, अब सभी का घिबली वर्शन सोशल मीडिया पर नजर आ चुका है। सैम अल्टमैन ने ट्वीट किया, “यह देखना मजेदार है कि लोग चैटजीपीटी द्वारा बनाई गई तस्वीरों को पसंद कर रहे हैं, लेकिन हमारे जीपीयू पिघल रहे हैं। हम इसे और अधिक कुशल बनाने पर काम कर रहे हैं, इसलिए अस्थायी रूप से कुछ सीमाएं लागू कर रहे हैं।
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चैटजीपीटी पर घिबली इमेज बनाने की होड़ जीपीयू पर बढ़ता दबाव और सीमाएं
चैटजीपीटी पर घिबली इमेज बनाने के लिए अब जबरदस्त प्रतिस्पर्धा हो रही है। पहले कुछ यूजर्स ने एक्स (X) पर पोस्ट किया था कि घिबली वर्जन की तस्वीरें चैटजीपीटी के प्रीमियम वर्जन में बनाई जा सकती हैं, लेकिन बाद में यह पाया गया कि यह फ्री वर्जन में भी काम कर रहा है। इसके बाद, चैटजीपीटी के यूजर्स के बीच तस्वीरों को घिबली स्टाइल में बदलने की होड़ मच गई। इस बीच, सैम अल्टमैन ने X पर ट्वीट किया कि उनके जीपीयू (ग्राफिकल प्रोसेसिंग यूनिट) ‘पिघल’ रहे हैं। दरअसल, चैटजीपीटी जैसे चैटबॉट्स द्वारा तस्वीरें बनाने के लिए जीपीयू का उपयोग होता है, और ट्रेंड बढ़ने के कारण इन पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है, जिससे प्रोसेसिंग धीमी हो जाती है। इसके चलते, जीपीयू को नुकसान से बचाने के लिए कुछ प्रोसेसिंग को सीमित किया गया।
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