प्रमुख मलयालम फिल्म निर्माता पीवी गंगाधरन का आज, 13 अक्टूबर को निधन हो गया. उन्होंने कोझिकोड के एक निजी अस्पताल में अपनी आखिरी सांस ली. उनकी उम्र 80 वर्ष थी. बताया जा रहा है कि उन्हें उम्र से संबंधित बीमारियों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था और आज उन्होंने हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह दिया.
ट्रेड एनालिस्ट श्रीधर पिल्लई ने अपने एक्स (पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता था) हैंडल पर फिल्म प्रोड्यूसर के निधन की खबर को कंफर्म किया है. उन्होंने लिखा, “पीवी गंगाधरन (80) वेटरन मलयालम फिल्म निर्माता, केटीसी समूह के संस्थापकों में से एक और मातृभूमि के बोर्ड सदस्य का कोझिकोड में निधन हो गया. पीवीजी, जैसा कि उन्हें कहा जाता था, ने गृहलक्ष्मी प्रोडक्शन के तहत फिल्मों का निर्माण किया है और राज्य और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते हैं और बड़ी कमर्शियल हिट रहीं. उनकी बेटियाँ अब @Scube_films के बैनर तले निर्माण कर रही हैं.”
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फिल्म प्रोड्यूसर केटी कुंजुमोन ने शोक जाहिर किया

फिल्म प्रोड्यूसर केटी कुंजुमोन ने भी अपने एक्स हैंडल से शेयर किया कि वह पीवी गंगाधरन की मृत्यु के बारे में जानकर ‘शॉक्ड’ हैं. उन्होंन अपनी पोस्ट में लिखा, “मेरे सबसे प्रिय मित्र, अनुभवी निर्माता श्री.पी.वी.गंगाधरन के दुखद निधन के बारे में सुनकर बहुत सदमा लगा. शांति मिले मेरे प्रिय..प्रार्थनाएं.”
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पीवी गंगाधरन ने कईं फिल्में प्रोड्यूस की थी
पीवी गंगाधरन ने अपने करियर में कईं फिल्में प्रोड्यूस की. इनमें अंगदी (1980), ओरु वडक्कन वीरगाथा (1989), कट्टाथे किलिक्कुडु (1983), वर्था (1986), अध्वेथम (1992), कानाक्किनावु (1996), थूवल कोट्टारम (1996), एन्नु स्वंथम जानकीकुट्टी (1998) कोचू कोचू संथोशांगल (2000), अचुविंते अम्मा (2005) और नोटबुक (2006) सहित कई फिल्में शामिल हैं. उनकी आखिरी फिल्म जानकी जेन थी जो इस साल की शुरुआत में रिलीज हुई थी.
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