2011 के बाद भारतीय क्रिकेट टीम कोई वर्ल्ड कप नहीं जीत पाई है। ऐसे में उम्मीद लगाई जा रही है कि इस साल अक्टूबर में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप में भारत कमाल करेगा और 11 साल से आ रहे सूखे को खत्म करेगा। इसके लिए टीम मैनेजमेंट को भी बदल दिया गया है। रोहित शर्मा को कप्तानी और राहुल द्रविड़ को कोचिंग का जिम्मा सौंपा गया है।अभी हाल ही में इंग्लैंड दौरे पर काफी लंबे समय से चली आ रही टीम इंडिया की 5 मुश्किलें भी लगभग खत्म होते नजर आई।
भारत ने 2007 से अब तक दो वर्ल्ड जीते हैं। एक वनडे और एक टी-20 वर्ल्ड कप। दोनों में ही प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने थे युवराज सिंह। नंबर-4 पर विस्फोटक बल्लेबाजी युवी की खासियत थी। अगर टॉप आर्डर अच्छा परफॉर्म करता तो युवी नंबर-4 पर आकर टीम को और भी अधिक ऊंचाई पर ले जाते। अगर टॉप ऑर्डर फेल होता तो युवराज पारी संभालने का काम करते थे।
तब से अब तक भारतीय टीम WHITE BALL क्रिकेट में नंबर-4 पर युवराज का रिप्लेसमेंट खोज रही थी। इस दौरान नए-पुराने कुल 18 खिलाड़ियों को इस नंबर पर आजमाया गया, लेकिन कोई भी खुद को युवराज का एक चौथाई भी साबित नहीं कर पाया। अब इंग्लैंड दौरे पर ये परेशानी खत्म हो गई है। सूर्यकुमार यादव के रूप में टीम को नंबर-4 पर बल्लेबाजी करने के लिए एक तगड़ा खिलाड़ी मिला है। अंग्रेजों के खिलाफ टी-20 सीरीज में तीन मुकाबलों की तीन पारियों में सूर्या ने 171 रन बनाए। इसमें एक शानदार शतक भी मौजूद था। सूर्यकुमार पेस और स्पिन दोनों खेलने में एक समान महारत रखते हैं।


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