पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में मतदान सुबह से जारी रहा। इस दौरान कई बूथों पर मतदान प्रक्रिया सुचारु रूप से चलती रही। लेकिन कई स्थानों पर धांधली और हिंसा की शिकायतें सामने आईं। BJP और TMC दोनों दलों ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। राजनीतिक तनाव मतदान के बीच लगातार बढ़ता दिखाई दिया। मतदाताओं ने विभिन्न बूथों पर लंबी कतारों में मतदान किया। प्रशासन ने कई जगहों पर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। चुनाव आयोग ने शिकायतों पर तुरंत नजर रखने की बात कही। राज्य में सुरक्षा बलों की तैनाती भी बढ़ाई गई। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मतदान गतिविधि सक्रिय रही। पूरे राज्य में राजनीतिक माहौल काफी तनावपूर्ण बना रहा।
Also Read: आलिया भट्ट की चमड़े की ड्रेस पर अनुपमा का तंज
भाजपा का ईवीएम गड़बड़ी का आरोप और पुनर्मतदान की मांग
भाजपा ने आरोप लगाया कि ईवीएम में गड़बड़ी की गई है। पार्टी ने दावा किया कि कई बूथों पर टेप लगाया गया। भाजपा ने कहा कि ईवीएम में उनके बटन को ढका गया। यह कार्रवाई मतदान को प्रभावित करने के लिए की गई। पार्टी ने इसे गंभीर चुनावी अनियमितता बताया। भाजपा ने दोबारा मतदान कराने की मांग भी उठाई। विशेष रूप से फाल्टा क्षेत्र में यह मामला सामने आया। भाजपा नेताओं ने सबूत के साथ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने चुनाव आयोग से तुरंत कार्रवाई की मांग की। पार्टी ने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने पर जोर दिया। राजनीतिक विवाद तेजी से राज्य में फैल गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इस मामले पर संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि सभी शिकायतों की जांच की जाएगी। जिन बूथों पर टेप पाया जाएगा वहां पुनर्मतदान होगा। यदि कई बूथ प्रभावित पाए गए तो बड़ा निर्णय लिया जाएगा। पूरी विधानसभा क्षेत्र में दोबारा मतदान संभव हो सकता है। प्रशासन ने सभी रिपोर्टों को गंभीरता से लेने का निर्देश दिया। चुनाव आयोग ने पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया। अधिकारियों ने मौके पर निरीक्षण टीम भेजी। सुरक्षा बलों को स्थिति नियंत्रित करने के निर्देश मिले। मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष रखने का आश्वासन दिया गया। आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से सहयोग मांगा।
Also Read: गाजियाबाद में गौर ग्रीन सोसाइटी में भीषण आग
TMC का पलटवार, हिंसा और पक्षपात के गंभीर आरोप
TMC ने भाजपा के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया। पार्टी ने कहा कि भाजपा झूठे आरोप फैला रही है। टीएमसी ने भाजपा पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। पार्टी ने केंद्रीय बलों पर पक्षपात का दावा किया। उन्होंने महिलाओं पर अत्याचार का आरोप भी लगाया। टीएमसी ने कहा कि मतदाताओं को डराया जा रहा है। पार्टी ने इसे “डायमंड हार्बर मॉडल” विवाद से जोड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपा राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। टीएमसी ने अपने उम्मीदवारों का बचाव भी किया। पार्टी ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की। राजनीतिक टकराव और तेज हो गया।
दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार बढ़ते जा रहे हैं। चुनावी माहौल में तनाव और भी गहरा होता दिख रहा है। प्रशासन ने सभी बूथों पर निगरानी बढ़ा दी है। चुनाव आयोग स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। कई क्षेत्रों में पुनर्मतदान की संभावना बनी हुई है। मतदाताओं में इस विवाद को लेकर चिंता देखी गई। राजनीतिक दल एक दूसरे पर लगातार बयानबाजी कर रहे हैं। राज्य में चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क स्थिति में तैनात हैं। आगे की कार्रवाई आयोग के निर्णय पर निर्भर करेगी। बंगाल चुनाव का माहौल बेहद संवेदनशील बना हुआ है।


More Stories
मई 2026 बैंक अवकाश: 12 दिन बैंक बंद
Google exits Pentagon drone contest
UAE Leaves OPEC: Impact on India’s Oil Prices