भारत डोनाल्ड ट्रंप की व्हाइट हाउस में वापसी पर ध्यान देगा, क्योंकि इससे दोनों देशों के रिश्तों पर असर पड़ सकता है. उम्मीद है कि ट्रंप व्यापार के मामले में अपना कड़ा रुख बनाए रखेंगे।
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वॉशिंगटन: डोनाल्ड ट्रंप की व्हाइट हाउस वापसी के बाद दुनिया की नजर इस पर है कि अगले 100 दिनों में क्या बदलाव होंगे। ट्रंप ने शपथ ग्रहण के बाद 78 कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए, जिसमें WHO से बाहर निकलने से लेकर मेक्सिको बॉर्डर पर इमरजेंसी के ऐलान तक शामिल थे। अब, उनकी योजनाओं पर सबकी नजर है, खासकर व्यापार और कूटनीति में।
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डोनाल्ड ट्रंप की वापसी: अमेरिकी विदेश नीति में बदलाव और नई दिशा
डोनाल्ड ट्रंप की व्हाइट हाउस में वापसी को व्यापक रूप से अमेरिका के विदेश नीति के लिए महत्वपूर्ण उथल-पुथल के दौर की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है. यह तय है कि अमेरिका की कूटनीति का तरीका बदलेगा. डोनाल्ड ट्रंप ने 2016 से 2020 के अपने पहले कार्यकाल में ही दिखा दिया था कि उनके लिए सबसे बड़ा कूटनीतिक हथियार विदेशी नेताओं को धमकी देने का उनका पसंदीदा स्टाइल ही है. जिस तरह से ट्रंप के शपथ लेने से पहले ही हमास-इजरायल के बीच सीजफायर डील हुई है, लगता है ट्रंप का यह अंदाज पहले ही असर दिखा रहा है.


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