May 12, 2026

Central Times

Most Trusted News on the go

हिमंता

हिमंता बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, कैबिनेट में 4 मंत्री शामिल

असम विधानसभा चुनाव में एनडीए की बड़ी जीत के बाद हिमंता बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राजधानी दिसपुर में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और कई केंद्रीय मंत्री शामिल हुए। कई राज्यों के मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भी कार्यक्रम में उपस्थिति दर्ज कराई। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला। हिमंता बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने वाले पहले गैर-कांग्रेसी नेता बन गए हैं। मुख्यमंत्री के साथ चार नेताओं ने मंत्री पद की शपथ लेकर नई जिम्मेदारी संभाली। रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नियोग को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। रामेश्वर तेली पहले केंद्र सरकार में राज्य मंत्री रह चुके हैं और जनजातीय राजनीति में प्रभाव रखते हैं।

Also Read: इंस्टाग्राम ने हटाया पूर्ण एन्क्रिप्शन, निजी संदेशों की गोपनीयता पर संकट

हिमंता बिस्वा सरमा,चार नेताओं ने मंत्री पद की शपथ लेकर संभाली नई जिम्मेदारी

अतुल बोरा असम गण परिषद के अध्यक्ष हैं और गठबंधन सरकारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। चरण बोरो बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के नेता हैं और पहले भी राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं। अजंता नियोग असम की प्रमुख महिला नेताओं में गिनी जाती हैं और लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने गोलाघाट सीट से लगातार छठी बार जीत दर्ज कर मजबूत जनसमर्थन साबित किया है। वह असम की पहली महिला वित्त मंत्री भी रह चुकी हैं। अजंता नियोग पहले कांग्रेस में थीं लेकिन वर्ष 2020 में भाजपा में शामिल हुईं। नई सरकार में उन्हें शामिल करके भाजपा ने महिला नेतृत्व को मजबूत संदेश देने की कोशिश की है। हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की थी। वर्ष 2001 में वह पहली बार विधायक बने और बाद में मंत्री पद भी संभाला।

वर्ष 2015 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा। भाजपा में आने के बाद उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों में पार्टी को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई। राजनीतिक विशेषज्ञ अक्सर पूर्वोत्तर में भाजपा की सफलता का श्रेय हिमंता सरमा की रणनीति को देते हैं। शपथ ग्रहण समारोह भाजपा और उसके सहयोगी दलों की एकजुटता का बड़ा प्रदर्शन माना गया। पार्टी नेताओं ने कहा कि नई सरकार विकास और जनता की उम्मीदों को प्राथमिकता देगी। भाजपा ने सहयोगी दलों को मंत्रिमंडल में जगह देकर राजनीतिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की। नई सरकार से राज्य में रोजगार, बुनियादी ढांचे और सामाजिक योजनाओं में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। असम की जनता अब नई सरकार से स्थिर प्रशासन और तेज विकास की उम्मीद कर रही है।

Also Read: नासिक TCS केस: 171 लिंक AIMIM मदद और कोर्ट में बड़े खुलासे