लोकसभा के स्पीकर के चुनाव को लेकर एनडीए और इंडिया अलायंस के बीच जोरदार टक्कर हो रही है. 48 साल बाद देश में स्पीकर का चुनाव होने जा रहा है. आम सहमति नहीं बनने के कारण स्पीकर पद के लिए चुनाव कराया जाएगा.
एनडीए ने एक बार फिर ओम बिरला को उम्मीदवार बनाया है
एनडीए ने एक बार फिर ओम बिरला को उम्मीदवार बनाया है, जबकि इंडिया अलायंस ने 8 बार के सांसद सुरेश को उनके मुकाबले में खड़ा किया है. स्पीकर पद का चुनाव जीतने के लिए इंडिया गठबंधन को 271 वोटों की आवश्यकता होगी.
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लोकसभा अध्यक्ष के चुनाव को लेकर बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए और कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन आमने-सामने हैं. लोकसभा उपाध्यक्ष पद पर सहमति न बन पाने के कारण, इंडिया गठबंधन ने आठ बार के सांसद के सुरेश को बीजेपी के ओम बिरला के खिलाफ खड़ा कर दिया है.
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18वीं लोकसभा के स्पीकर का चुनाव
ऐसे में 48 साल बाद स्पीकर का चुनाव वोटिंग के माध्यम से होने जा रहा है. बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है, जिसके चलते वे एक-दूसरे के खेमे में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं.
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देश में तीसरी बार मोदी सरकार बनने के बाद बीजेपी के सामने पहला बड़ा इम्तिहान स्पीकर का चुनाव है. बीजेपी के लिए यह चुनौती केवल ओम बिरला को जिताने की नहीं है, बल्कि एनडीए को एकजुट रखने और अपने गठबंधन का विस्तार करने की भी है.
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वहीं, कांग्रेस के लिए चुनौती है इंडिया गठबंधन में शामिल दलों को एकजुट रखने के साथ-साथ अपनी राजनीतिक ताकत को बढ़ाना. अब देखना यह है कि स्पीकर चुनाव के जरिए क्या एनडीए का आंकड़ा 300 पार कर सकता है या फिर इंडिया गठबंधन अपने मौजूदा आंकड़े को बरकरार रखते हुए निर्दलीय और छोटे दलों के 13 सांसदों को अपने पक्ष में लाने में सफल होगा.


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