Dinhata Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं और 294 सीटों में से दिनहाटा (सीट संख्या 7) हाई-प्रोफाइल मानी जा रही है। फिलहाल इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) का कब्जा है, लेकिन यहां का सियासी इतिहास लगातार बदलते समीकरणों की कहानी बताता है।
दिनहाटा सीट कूचबिहार लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है और यह सामान्य श्रेणी की विधानसभा सीट है। यहां से मौजूदा विधायक उदयन गुहा हैं, जो ममता बनर्जी सरकार में उत्तर बंगाल विकास मंत्री भी हैं। क्षेत्र में उनका प्रभाव लगातार चर्चा में रहता है।
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2026 से पहले दिनहाटा बंगाल में सियासी घमासान किसके हाथ लगेगी बाजी?
2021 के मुख्य चुनाव में बीजेपी के निशिथ प्रमाणिक ने महज 57 वोटों से जीत दर्ज की थी। हालांकि, उनके इस्तीफे के बाद हुए उपचुनाव में उदयन गुहा ने जबरदस्त वापसी करते हुए रिकॉर्ड अंतर से बीजेपी उम्मीदवार अशोक मंडल को हराया और सीट दोबारा टीएमसी के खाते में डाल दी।
इससे पहले 2016 के विधानसभा चुनाव में भी उदयन गुहा ने टीएमसी के टिकट पर जीत हासिल की थी। उन्होंने ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के अक्षय ठाकुर को हराकर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की थी। दिनहाटा में टीएमसी और फॉरवर्ड ब्लॉक के बीच लंबे समय तक मुकाबला देखने को मिला है।
भारत निर्वाचन आयोग ने 2026 चुनाव से पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया शुरू की है। इसका मकसद पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ना और चुनावी सूची को अपडेट करना है। राज्य में इस तरह का व्यापक पुनरीक्षण आखिरी बार 2002 में हुआ था।
मतदाता संख्या की बात करें तो 2021 में दिनहाटा में कुल 2,99,251 मतदाता पंजीकृत थे। वहीं 2016 में यह आंकड़ा 2,73,294 था। मतदान प्रतिशत दोनों चुनावों में 81 प्रतिशत से अधिक रहा, जिससे साफ है कि यहां के मतदाता चुनावी प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
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